सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से तनाव भड़का
राष्ट्रीय खबर
गांधीनगर: गुजरात के गांधीनगर जिले के देहगाम तालुका स्थित बहियाल गाँव में एक आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट ने गंभीर सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप हिंसा और उपद्रव की घटनाएँ हुईं। पुलिस ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार देर रात अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के एक बड़े समूह ने कई दुकानों और वाहनों को निशाना बनाया, उन्हें क्षतिग्रस्त किया और जमकर पथराव किया। इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 60 लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, ये हिरासतें बुधवार की देर रात हुई झड़प और दंगे के आरोप में की गई हैं।
गांधीनगर के एसपी रवि तेजा वासमसेट्टी ने संवाददाताओं को घटना के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए बताया कि हिंसा की शुरुआत एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। उन्होंने कहा, एक हिंदू व्यक्ति द्वारा आई लव मुहम्मद ट्रेंड के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया गया, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्य भड़क उठे, जिसके कारण यह हमला हुआ।
बुधवार की रात लगभग 11 बजे, गुस्साए लोगों का एक बड़ा समूह उस हिंदू व्यक्ति की दुकान तक पहुँच गया जिसने व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक स्टेटस डाला था। समूह ने सबसे पहले दुकान के शटर को तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि उपद्रवियों ने दुकान के भीतर से सामान बाहर निकाला और उसे आग के हवाले कर दिया।
एसपी ने आगे बताया कि दुकान को नुकसान पहुँचाने के बाद, समूह ने हिंदू बहुल इलाकों को निशाना बनाते हुए उन पर पथराव शुरू कर दिया। इसके जवाब में, हिंदू इलाकों से भी समूह पर जवाबी पथराव किया गया, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी और गाँव में तनाव चरम पर पहुँच गया। इस झड़प में चार दुकानें और पाँच से छह वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत ही गाँव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। सहायक पुलिस अधीक्षक आयुष जैन ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। जैन ने क्षतिग्रस्त संपत्तियों का ब्यौरा देते हुए कहा कि कुल मिलाकर चार दुकानें और पाँच-छह वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं।
एएसपी जैन ने यह भी पुष्टि की कि पुलिस ने अब तक 60 लोगों को हिरासत में लिया है और दंगे तथा हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारी ने इस झड़प में किसी के गंभीर रूप से घायल होने का कोई विवरण नहीं दिया है। पुलिस दोनों समुदायों के बीच शांति बहाल करने और स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाने के लिए गाँव में सघन निगरानी बनाए हुए है।