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आत्महत्या करने गयी महिला को मगरमच्छ ने बचाया

यूपी के उन्नाव जिला से हैरान करने वाली खबर आयी

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः एक हैरान कर देने वाली और अविश्वसनीय घटना में, जिस महिला ने अपनी जान लेने के लिए गंगा नदी में छलांग लगाई थी, उसे एक मगरमच्छ ने बचा लिया। यह घटना नियति का एक अजीब खेल थी, जिसने एक खतरनाक जीव को उस महिला का रक्षक बना दिया जो खुद को खत्म करने के लिए दृढ़ थी।

यह घटना उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुई, जहां मालती नाम की एक अधेड़ उम्र की महिला ने अपने पति के साथ हुए झगड़े के बाद यह भयानक कदम उठाया। जीवन से हताश होकर और निराशा से घिरी हुई मालती ने अपना घर छोड़ दिया और सीधे गंगा नदी के किनारे चली गई। उसके मन में आत्महत्या करने का विचार दृढ़ था, और उसने खुद को डूबो देने के इरादे से ठंडे पानी में छलांग लगा दी।

लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। जैसे ही मालती पानी में कूदी, उसकी नज़र पास ही पानी में तैरते हुए एक विशाल मगरमच्छ पर पड़ी। मौत के एक रूप से बचकर, वह अचानक दूसरी मौत के सामने आ गई। मगरमच्छ के डर ने उसकी आत्महत्या की इच्छा को पीछे धकेल दिया और उसकी जगह उसमें जीने की तीव्र इच्छा जाग उठी।

अब उसका एकमात्र उद्देश्य मगरमच्छ से बचकर ज़िंदा रहना था। घबराकर, वह जान बचाने के लिए बेतहाशा तैरने लगी। जैसे-तैसे उसने नदी के किनारे पहुँचने में कामयाबी हासिल की। मगरमच्छ अभी भी पास में ही था, इसलिए वह किनारे पर लगे एक पेड़ पर चढ़ गई ताकि वह सुरक्षित रह सके।

पुलिस ने बताया कि मालती ने पूरी रात उस पेड़ पर बिताई। डर के मारे वह नीचे उतरने की हिम्मत नहीं कर पाई क्योंकि मगरमच्छ उसके ठीक नीचे पानी में चक्कर लगा रहा था। उसकी मदद के लिए चीख-पुकार सुनकर, गाँव वाले सतर्क हो गए और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

अगली सुबह, पुलिस और एक बचाव दल मौके पर पहुँचा और मालती को सुरक्षित नीचे उतार लिया। वह सदमे की स्थिति में थी, लेकिन जिंदा रहने के लिए उसने राहत की सांस ली। यह घटना सुनकर हर कोई दंग रह गया। गाँव वालों ने इसे चमत्कार बताया और मालती के लिए यह दूसरा जीवन था।

यह विडंबना ही थी कि जिस मगरमच्छ से वह मौत के डर से भागी, उसी मगरमच्छ ने उसे आत्महत्या करने से रोका और उसे जीवन का एक और मौका दिया। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जीवन का हर पल अप्रत्याशित है, और कभी-कभी, सबसे खतरनाक चीजें भी जीवन का एक नया रास्ता दिखा सकती हैं।