भाजपा के हाथ से धार्मिक भेदभाव का मुद्दा भी छीन लिया
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विरोधियों का मुंह बंद करा दिया
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तेजस्वी यादव के साथ पूजा की
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पूजा के बाद 12वें दिन की यात्रा
सीतामढ़ी : राहुल गांधी ने मां जानकी मंदिर में दर्शन और पूजा कर आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार की सुबह पुनौराधाम मां जानकी मंदिर में दर्शन किया और इसके साथ ही उन्होंने उन आलोचकों का मुंह बंद कर दिया जो कह रहे थे कि वह अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर में दर्शन के लिए नही गये थे और वह मां जानकी के मंदिर भी नही जाएंगे ।
राहुल गांधी आज सुबह बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव और महा गठबंधन के साथियो के साथ पुनौराधाम स्थित मां जानकी के मंदिर पहुंचे और पूजा अर्चना की। इसके बाद राहुल गांधी ने बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा के 12 वें दिन की शुरुआत की।
मां जानकी मंदिर के पुजारी ने बताया कि राहुल गांधी ने माता की आरती की और चंदन, अक्षत, माला और चुंदरी के साथ विधिवत पूजा शामिल हुए। राहुल गांधी के साथ राजद नेता तेजस्वी यादव और महागठबंधन के कई साथी पूजा में शामिल हुए। कांग्रेस सांसद नेता ने पूजा खत्म होने के बाद मंदिर के पुजारी से मां जानकी के जन्म की कहानी भी सुनी और मंदिर संबंधी अन्य जानकारियां भी हासिल की। गौरतलब है कि पुनौराधाम में नवनिर्मित मां जनकी मंदिर का शुभारंभ इसी महीने आठ अगस्त को हुआ था, जिसमे केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अमित शाह शामिल हुये थे।
दिलचस्प बात यह रही कि राहुल गांधी ने माता जानकी के इस ऐतिहासिक मंदिर में पूजा की, लेकिन पुनौरा धाम, जिसे माता सीता की जन्मभूमि माना जाता है, वहां नहीं गए। मंदिर से पुनौरा धाम की दूरी महज दो किलोमीटर है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुनौरा धाम में विकास कार्यों का शिलान्यास किया था।
इसके बावजूद राहुल गांधी का वहां न जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि माता जानकी के दर्शन कर राहुल गांधी ने जनता को यह संदेश दिया है कि आस्था और संस्कृति सबसे ऊपर है।राहुल गांधी की इस यात्रा में धार्मिक आस्था और राजनीति का अद्भुत संगम दिखाई दिया।
एक ओर जहां उन्होंने माता जानकी और महात्मा गांधी को नमन कर जनता से जुड़ाव का संदेश दिया। वहीं दूसरी ओर उनकी उपस्थिति ने सीतामढ़ी की राजनीति में भी नई हलचल मचा दी। मंदिर परिसर में उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेस और राजद कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राहुल गांधी के आगमन से सीतामढ़ी शहर में भारी उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का हुजूम मंदिर के बाहर उमड़ पड़ा। राहुल गांधी जब मंदिर से बाहर निकले तो उनके गले में पुजारियों द्वारा पहनाई गई माला और चुनरी थी, जिसने उनके इस दौरे को और भी खास बना दिया। दूसरी तरफ अब एनडीए समर्थकों में भी यह बात स्पष्ट होती जा रही है कि जिस मुद्दे पर राहुल गांधी यह वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं, उसका बिहार की जनता पर असर पड़ चुका है। भाजपा के लोग भी दबी जुबान से अपने दो मंत्रियों को भीड़ द्वारा खदेड़े जाने की इसका परिणाम मान रहे हैं।