पाकिस्तान के साथ अंदर की सांठ गांठ से भारत को नुकसान
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जनरल मुनीर को न्योता से खुला राज
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पहले पाकिस्तान की निंदा की थी ट्रंप ने
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अंदरखाने से पाकिस्तान की मदद की चाल
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रमुख जनरल माइकल कुरिला ने हाल ही में पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर को अमेरिका यात्रा के लिए आमंत्रित किया है। इस निमंत्रण पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान के आतंकवाद-समर्थन को लेकर दुनियाभर में चर्चा हो रही है।
यह घटनाक्रम भारत के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि पाकिस्तान लगातार भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहा है। दूसरी तरफ अमेरिका ने औपचारिक तौर पर इस आमंत्रण का खंडन किया है।
इसी बीच, एक पुराना वीडियो फिर से चर्चा में आ गया है। इसमें पाकिस्तान के पूर्व आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल असद दुर्रानी ने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों को लेकर चौंकाने वाली जानकारी का खुलासा किया है। यह वीडियो अल जज़ीरा चैनल के एक साक्षात्कार का बताया जा रहा है।
दुर्रानी ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान ने अमेरिका को धोखा दिया और तालिबान नेताओं को सुरक्षित आश्रय दिया। उन्होंने कहा कि वे (अमेरिका) हमें अरबों डॉलर की सहायता देते थे, और हम उस पैसे से उनके दुश्मन, तालिबान की मदद करते थे। उन्होंने इसे एक अजीब तरह का युद्ध करार दिया।
दुर्रानी ने यह भी स्वीकार किया कि पाकिस्तान की नीति दोहरी थी, जहां एक तरफ वह अमेरिका के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भाग ले रहा था, लेकिन दूसरी तरफ तालिबान और अन्य आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रहा था। जब साक्षात्कारकर्ता पत्रकार ने दुर्रानी से पूछा कि क्या अब उन्हें इस पर पछतावा है, तो दुर्रानी ने जवाब दिया, नहीं, यह उस समय की आवश्यकता थी, और आज भी हम इसे नहीं बदलेंगे। यह वीडियो एक बार फिर पाकिस्तान की धोखेबाज और दोहरी नीतियों पर सवाल उठाता है।
डोनल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 2019 में पाकिस्तान को धोखेबाज देश कहा था और कहा था कि वे अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपते हैं। ट्रंप ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता भी बंद कर दी थी, क्योंकि उन्हें लगता था कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में ईमानदार नहीं है। लेकिन अब, जनरल मुनीर का निमंत्रण ट्रंप प्रशासन के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर रहा है।
कुछ अमेरिकी सीनेटर और कांग्रेस सदस्यों ने इस आमंत्रण पर आपत्ति जताई है। सीनेटर टॉम कॉटन ने कहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका को धोखा दिया है और जनरल मुनीर का स्वागत करना गलत संदेश देगा। वहीं, कुछ विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप इस आमंत्रण का उपयोग पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए कर सकते हैं, खासकर अफगानिस्तान और मध्य एशिया में अमेरिकी हितों को ध्यान में रखते हुए। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनयिक कदम भारत-अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों को किस दिशा में ले जाता है।