पाकिस्तानी सेना पर आतंकवादी हमले का सिलसिला जारी
इस्लामाबादः शुक्रवार को क्वेटा में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) द्वारा किए गए आईईडी हमले में दस पाकिस्तानी सैन्यकर्मी मारे गए। क्वेटा के उपनगर मार्गट में पाकिस्तानी सेना के काफिले को निशाना बनाकर किए गए आईईडी विस्फोट में कई सैनिक हताहत हुए।
बीएलए ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसके लड़ाकों ने रिमोट कंट्रोल डिवाइस का इस्तेमाल कर सेना के काफिले को निशाना बनाया। बीएलए के प्रवक्ता जियांद बलूच ने एक बयान में कहा, विस्फोट ने दुश्मन के वाहन को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, जिसमें सूबेदार शहजाद अमीन, नायब सूबेदार अब्बास, सिपाही खलील, सिपाही जाहिद, सिपाही खुर्रम सलीम और अन्य सहित उसमें सवार सभी 10 सैनिक मारे गए।
बीएलए ने यह भी चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ उसके अभियान तेज होंगे। इसने कहा, आजादी के लिए हमारी लड़ाई रुकेगी नहीं और हम अपनी पूरी ताकत से दुश्मन को निशाना बनाना जारी रखेंगे।
यह हमला बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हमलों की श्रृंखला में नवीनतम है, जो क्षेत्र में चल रहे तनाव को उजागर करता है। गुरुवार को, बीएलए ने बलूचिस्तान में अलग-अलग हमलों में सात पाकिस्तानी सेना के जवानों को मार डाला और चार को घायल कर दिया। ये हमले जमुरान, कोलवाह और कलात जिलों में हुए। संगठन ने एक बयान में कहा कि कुछ स्थानों पर सुरक्षा चौकियों पर भी कब्जा कर लिया गया।
हाल के दिनों में बलूचिस्तान में आजादी की मांग को लेकर दोनों तरफ के आंदोलन तेज हुए हैं। नागरिक संगठनों ने पाकिस्तान से अलग होकर स्वतंत्र देश बनने की मांग पर सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन किया है।
इसके तहत आरोप लगाया गया है कि आजादी की मांग करने वाले अनेक लोगों को सेना पकड़कर ले गयी और उसके बाद वे लापता हो गये। दूसरी तरफ हथियारबंद संघर्ष से आजादी हासिल करने का दावा करने वाले पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों पर अपना हमला बढ़ाते जा रहे है।