Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे टीएमसी के बागी सांसद; क्या भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ... Sattu Paratha Recipe: शेफ कुणाल कपूर स्टाइल सत्तू का पराठा और चोखा; घर पर बनाएं ढाबा जैसा स्वाद Somvati Amavasya 2026: अधिकमास की सोमवती अमावस्या आज; जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और दान का महत्व AC Buying Guide 2026: इन्वर्टर AC लेना फायदेमंद है या नॉन-इन्वर्टर? बिजली बिल कम करने का सही तरीका Crude Oil Price Drop: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 4% सस्ता, क्या पेट्रोल-डीजल के घटेंगे दाम? US-Iran Deal: अमेरिका-ईरान युद्ध खत्म करने के लिए बनी प्रारंभिक सहमति; ईरान को मिल सकती है 300 अरब ड... Veer Pahariya Upcoming Movie: 'बेनाम' से वापसी करेंगे वीर पहाड़िया; महेश भट्ट की फिल्म में निभाएंगे ... Vidarbha Pro T20 League Final: पगारिया स्ट्राइकर्स बनी चैंपियन; आखिरी ओवर में संस्कार चावटे का कमाल West Bengal Politics: लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे टीएमसी के बागी सांसद; क्या भाजपा के नेतृत्व वाले NDA ... Siwan Unique Wedding: प्रेमिका से मिलने पहुंचा प्रेमी तो ग्रामीणों ने कराई शादी; वीडियो हुआ वायरल

कलात इलाके में चार आतंकवादी मारे गये

बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों पर लगाम नहीं

क्वेटाः पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान प्रांत के कलात जिले में एक बड़े ऑपरेशन के दौरान चार आतंकवादियों को मार गिराया है। सेना की जनसंपर्क शाखा के अनुसार, यह कार्रवाई आतंकियों के एक गुप्त ठिकाने पर खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी। पिछले एक सप्ताह के भीतर सुरक्षा बलों ने कलात, कोहलू और पंजगुर जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग अभियानों में कुल 17 आतंकवादियों को ढेर किया है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी हिंसा और उग्रवाद का केंद्र रहा है, जहाँ विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा बलों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निशाना बनाते हैं।

इस बीच हाल ही में पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज द्वारा जारी एक वार्षिक रिपोर्ट ने पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति की एक भयावह तस्वीर पेश की है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 पाकिस्तान के लिए आतंकवाद के इतिहास में सबसे घातक वर्ष साबित हुआ है। इस एक साल के दौरान कुल 2,115 आतंकवादी मारे गए हैं, लेकिन सुरक्षा बलों और आम नागरिकों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, 664 सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान गंवाई, जबकि 580 निर्दोष नागरिक आतंकी हमलों का शिकार हुए।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि हिंसा की तीव्रता और घातकता में इस वर्ष भारी वृद्धि देखी गई है। विशेष रूप से अफगानिस्तान से सटे खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में आतंकी गतिविधियों में तेजी आई है। सुरक्षा संकेतकों का कहना है कि आतंकवादी अब आधुनिक हथियारों और उन्नत तकनीकों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सुरक्षा बलों के लिए चुनौती और बढ़ गई है। सरकार और सेना का दावा है कि वे आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन बढ़ते हताहतों की संख्या जनता के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।