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कर्नाटक के पूर्व मंत्री बी नागेंद्र हिरासत में

ईडी ने कर्नाटक में कांग्रेस नेता के खिलाफ कार्रवाई की

राष्ट्रीय खबर

बेंगलुरुः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वाल्मीकि निगम घोटाला मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता बी नागेंद्र को हिरासत में ले लिया। पीटीआई ने घटनाक्रम से अवगत लोगों के हवाले से बताया कि कांग्रेस विधायक को पूछताछ के लिए उनके आवास से बेंगलुरु स्थित ईडी कार्यालय ले जाया गया।

नागेंद्र ने संवाददाताओं से कहा, मुझे मेरे घर से लाया जा रहा है…मुझे कुछ नहीं पता। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईडी ने कथित घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत पूर्व मंत्री के परिसरों में व्यापक तलाशी ली थी। यह घोटाला 21 मई को निगम के लेखा अधीक्षक चंद्रशेखरन पी की मौत के बाद सामने आया था।

चंद्रशेखरन द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट में कई अधिकारियों पर निगम के खातों से विभिन्न अन्य बैंक खातों में अवैध धन हस्तांतरण करने का आरोप लगाया गया था। इसके बाद दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया, जबकि अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री बी नागेंद्र ने बढ़ते दबाव के चलते 6 जून को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद कांग्रेस सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जिसके परिणामस्वरूप घोटाले से जुड़े 11 व्यक्तियों की गिरफ्तारी हुई। चंद्रशेखरन के सुसाइड नोट में सरकारी निगम के बैंक खाते से 187 करोड़ रुपये के अनधिकृत हस्तांतरण का आरोप लगाया गया है। कथित तौर पर 88.62 करोड़ रुपये कई आईटी कंपनियों और हैदराबाद स्थित एक सहकारी बैंक के खातों में अवैध रूप से डाले गए। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत के आधार पर केंद्रीय जांच ब्यूरो भी इसकी जांच कर रहा है।

राज्य भाजपा प्रमुख बी वाई विजयेंद्र ने बुधवार को कहा, हम नागेंद्र और दद्दाल पर ईडी के छापे का स्वागत करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, यह शायद राज्य के इतिहास में अनसुना बड़ा घोटाला है। एसटी समुदायों के लिए रखे गए पैसे का दुरुपयोग दूसरे राज्यों में चुनाव और लोकसभा चुनावों के लिए किया गया है।