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मंत्रियों के कोटे में भी बदलाव संभव

हेमंत सोरेन के बाहर आने से भी बदल जाएगा सत्ता समीकरण


  • बादल पत्रलेख गये तो दीपिका पांडेय

  • इरफान और बैजनाथ पहले से कतार में

  • बदलाव से पहले दिल्ली का दौरा करेंगे


राष्ट्रीय खबर

रांचीः हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आते ही सत्ता का समीकरण भी अचानक से बदल गया है। वरना इससे पहले चंपई सोरेन के मंत्रिमंडल में अन्य मंत्री कौन शामिल होंगे, इसे लेकर माथापच्ची का दौर चल रहा था। इसी कड़ी में झारखंड कांग्रेस के प्रभारी ने भी बिरसा मुंडा जेल में हेमंत सोरेन और आलमगीर आलम से मुलाकात की थी।

अब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही सारे राजनीतिक फैसले होंगे, यह तय है। इसलिए कांग्रेस खेमा से मंत्रियों की अदलाबदली के मुद्दे पर जो चर्चाएं हैं, उसमें दीपिका पांडेय की लॉटरी खुल सकती है। दरअसल संथाल परगना के ही कांग्रेस विधायक बादल पत्रलेख के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों का अंबार है।

ऐसे में अगर कांग्रेस उन्हें बदलने का फैसला लेती है तो जाति समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए दीपिका पांडेय को मंत्री पद मिल सकता है। वैसे इससे पहले इस बात की अधिक संभावना थी कि इरफान अंसारी और बैजनाथ राम को समीकरणों को साधने के लिए यह पद दिया जाएगा। अब यह सारी गणना बदलने जा रही है।

लोकसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जबर्दस्त बेहतर प्रदर्शन किया है जबकि सहयोगी कांग्रेस और राजद असफल रहे हैं। झामुमो की तरफ से विधानसभा चुनाव की तैयारियों में भी जनसमर्थन के मुद्दे पर अधिक ध्यान दिया जाएगा, यह लगभग तय है। जिन इलाकों में पार्टी को कमजोर महसूस हुई है, वहां पर भी समर्थन मजबूत करने का काम भी संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल में एक कारण बनने जा रहा है।

इनसे अलग अब हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी कब संभालते हैं, इस पर बहुत कुछ निर्भर है और यहां पर कुछ भी करने से पहले वह संभवतः दिल्ली का दौरा कर इंडिया गठबंधन के नेताओँ से मुलाकात कर आगे की रणनीति तय करेंगे।