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आईपीएस अफसर पर टिप्पणी से भाजपा के प्रतिकूल माहौल

धार्मिक पहचान पर नेता की टिप्पणी भारी

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः धार्मिक पहचान को लेकर आईपीएस अधिकारी को निशाना बनाया गया है। इस मुद्दे पर सिख समुदाय के सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राजभवन में राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की और हाल की एक घटना पर निराशा व्यक्त की, जहां भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक आईपीएस अधिकारी को खालिस्तानी कहा गया था।

आम तौर पर हर बात पर तुरंत प्रतिक्रिया देने वाली भाजपा ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया नहीं दी है। यहां पर प्रतिनिधिमंडल में शहर के सात गुरुद्वारों के प्रतिनिधि शामिल थे और उनका नेतृत्व गुरुमीत सिंह ने किया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने कहा कि राज्यपाल ने न्याय का आश्वासन दिया है और उनसे कहा है कि सिख समुदाय ने देश के लिए जो किया है, वह उसकी सराहना करते हैं और वह इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखेंगे।

मंगलवार को, 2016-बैच के आईपीएस अधिकारी जसप्रीत सिंह ने दावा किया था कि अधिकारी के नेतृत्व में विरोध करने वाले बंगाल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उन्हें खालिस्तानी कहा था। यह घटना तब हुई जब उत्तर 24 परगना जिले के धमाखाली में एक पुलिस दल ने भाजपा नेताओं को संदेशखाली जाने से रोक दिया।

हालाँकि, भाजपा ने इस आरोप को खारिज कर दिया। राज्यपाल को सौंपे गए एक प्रतिनिधिमंडल में, प्रतिनिधिमंडल ने राज्य भाजपा नेताओं की उनकी घटिया और भेदभावपूर्ण टिप्पणियों के लिए आलोचना की। घटना की जांच की मांग करते हुए प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि आईपीएस अधिकारी को उनकी धार्मिक पहचान के कारण भेदभावपूर्ण व्यवहार का शिकार होना पड़ा।

राज्यपाल ने घोषणा की कि सिख समुदाय के लिए बंगाल की प्रशंसा के प्रतीक के रूप में राजभवन परिसर में एक पंजाबी बाग स्थापित किया जाएगा। राजभवन के एक बयान में राज्यपाल ने कहा, मैं हमारी पंजाबी बिरादरी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि बंगाल आपके साथ खड़ा है। दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने इस घटना को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पश्चिम बंगाल के संदेशखाली को लेकर माहौल बनाने की कोशिश में भाजपा की यह चाल उल्टी पड़ गयी है।

सूचना के मुताबिक देश के अन्य भागों से भी एक सिक्ख अफसर को खालिस्तानी कहे जाने की प्रतिक्रिया ने बंगाल भाजपा के नेताओं को बेचैन कर दिया है। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से प्रदेश के भाजपा नेताओँ को यह हिदायत भी दी गयी है कि लोकसभा चुनाव करीब होने के दौरान वे सोच समझकर बात किया करें।