Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ऐतिहासिक धार भोजशाला की मां वाग्देवी प्रतिमा की भारत वापसी अंतिम चरण में, लंदन से जल्द लौटेगी मूर्ति भोपाल में फर्जी क्राइम ब्रांच अफसर बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला मास्टरमाइंड समेत 4... इंदौर में फर्जी आधार कार्ड बनाकर नाबालिगों की शादी कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 4 आरोपी गिरफ्तार दतिया उपचुनाव में करारी हार के बाद बीजेपी का कड़ा एक्शन, जिलाध्यक्ष सहित पूरा जिला संगठन तत्काल प्रभ... JPSC परीक्षा धांधली में बड़ा खुलासा: 14 गिरफ्तारियों से खुलीं 3 परतें, CID जांच के दायरे में JPSC अध... Maharashtra CCMP Row: होम्योपैथी डॉक्टरों के पंजीकरण पर बढ़ा विवाद, स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित मुजफ्फरपुर रेड लाइट एरिया में सनसनी: लखनऊ की 22 वर्षीय डांसर का फंदे से लटका मिला शव, FSL टीम जांच म... श्रीलंका में भारत का पहला अभ्यास सत्र: हेड कोच गंभीर ने फील्डिंग पर दिया जोर, जानिए क्यों सिरदर्द बन... नमित मल्होत्रा की 'रामायण' में माता सीता के लुक पर विवाद, साई पल्लवी के समर्थन में उतरीं अभिनेत्री स... ब्रिटेन की राजनीति में बढ़ेगा मुसलमानों का दबदबा! 2029 के चुनाव में 78 से ज्यादा सीटों पर मुस्लिम वो...

जयशंकर का ‘मास्टरस्ट्रोक’! ईरान नहीं रोकेगा भारतीय जहाज; होर्मुज संकट के बीच भारत को मिली बड़ी राहत, दुनिया ने माना कूटनीति का लोहा

अब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में भारतीय जहाजों को ईरान नहीं रोकेगा. जहां अमेरिका और यूरोपीय देशों के जहाजों के हॉर्मुज में कदम रखते ही ईरानी नेवी उनपर हमला बोल रही है, वहीं अब भारतीय झंडे वाले जहाज बिना किसी रुकावट हॉर्मुज को पार करेंगे. ये खबर भारत की विदेश नीति और बढ़ते प्रभाव का उदाहरण हैं. भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद भारत को ये छूट दी गई है.

विदेश मंत्री के फोन के बाद ईरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से भारत के झंडे वाले टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हुआ है. खबरों के अनुसार भारत के दो टैंकर, ‘पुष्पक’ और ‘परिमल’, हॉर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर रहे हैं. यह तब हो रहा है जब अमेरिका, यूरोप और इजराइल के जहाजों को अभी भी वहां प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है.

भारत की कूटनीति ने फिर किया कमाल

पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच भारत की संतुलित कूटनीति ने फिर कमाल दिखाया है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई तीसरी टेलीफोन बातचीत (मंगलवार रात) के बाद ईरान ने भारत-ध्वजांकित तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दे दी है.

क्षेत्र में वैश्विक जहाज यातायात में भारी गिरावट आई है, लेकिन भारतीय जहाजों को विशेष छूट मिली है. हाल ही में एक थाईलैंड-ध्वजांकित जहाज पर हमला हुआ, जबकि अन्य कई जहाज ब्लॉक या हमलों का शिकार हुए हैं.

गैस और तेल दोनों की भारत को होगी पूरी आपूर्ति

यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी राहत है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से वैश्विक तेल का करीब 20 फीसद हिस्सा गुजरता है. भारत ने ईरान के साथ संवाद बनाए रखते हुए खाड़ी से क्रूड ऑयल और एलएनजी की आपूर्ति सुनिश्चित की है. वहींबुधवार को जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov से भी बातचीत की. रूस से भारत को तेल आपूर्ति बढ़ने के बीच दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात और द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा हुई. भारत लगातार इस जंग के महौल में अपनी ऊर्जा सुरक्षित करने में लगा है.