Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
WhatsApp Safety: कहीं आपका व्हाट्सएप कोई और तो नहीं पढ़ रहा? इन स्टेप्स से तुरंत चेक करें 'लिंक्ड डिव... Ravivar Ke Upay: संतान सुख की प्राप्ति के लिए रविवार को करें ये अचूक उपाय, सूर्य देव की कृपा से भर ज... 8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ेगी आपकी बेसिक सैलरी? समझें 2.57, 3.0 और 3.68 का पूरा ... Strange Wedding News: 12 लाख की कार और गाजे-बाजे के साथ पहुंची बारात, फिर भी दुल्हन ने तोड़ी शादी; ब... Katihar Accident: कटिहार हादसे में मरने वालों की संख्या 13 हुई, नीतीश सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान; ... Uddhav Thackeray: 'शिवाजी महाराज की जन्मभूमि की मिट्टी अयोध्या ले गया और एक साल में बन गया राम मंदिर... Weather Update: दिल्ली में फिर से मौसम का यू-टर्न, आज खिलेगी तेज धूप; UP में लू का कहर और हिमाचल समे... Betrayal News: प्रेमी के लिए घर में की चोरी, फिर उसी ने दोस्तों के साथ मिलकर किया गैंगरेप; फूट-फूटकर... Namo Bharat Train: दिल्ली-मेरठ के बाद अब ऋषिकेश की बारी, 3 घंटे में पूरा होगा सफर; जानें रूट और स्टे... Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाइक ले गए तो कटेगा भारी चालान, इन वाहनों ...

यूक्रेन में रोमानियाई स्वयंसेवक सैनिक की मृत्यु

कियेबः अंतरराष्ट्रीय सेना के एक हिस्से के रूप में लड़ने वाला रोमानिया का एक स्वयंसेवक यूक्रेन में अग्रिम पंक्ति में मारा गया है। रोमानियाई मीडिया स्रोतों ने इस बात की जानकारी दी है। इससे रूस का यह आरोप एक बार फिर सच साबित होता है कि दरअसल यूक्रेन को आगे कर पश्चिमी देश ही रूस के खिलाफ यह युद्ध लड़ रहे हैं और इसमें विदेशी सैनिकों की भी भागीदारी है।

रोमानिया के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि यूक्रेनी अधिकारियों ने उसे रोमानियाई नागरिक की मौत के बारे में सूचित किया था। 27 वर्षीय रोमानियाई रुडोल्फ विटमैन का जन्म और पालन-पोषण अराद शहर में हुआ था। उनकी रुचि युद्धकला में थी और उन्होंने फ्रांसीसी अंतर्राष्ट्रीय सेना में लगभग पांच साल बिताए हैं। 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण की शुरुआत के बाद, उन्होंने यूक्रेन की तरफ से लड़ने का फैसला किया।

जो लोग उन्हें जानते हैं उनका कहना है कि यूक्रेन में बिताए एक साल के दौरान उन्होंने यूक्रेनी भाषा सीख ली। उसकी प्रेमिका इवान्ना यूक्रेन में रहती है। इससे पहले अक्टूबर में यूक्रेन में एस्टोनिया और फिनलैंड के स्वयंसेवकों की मौत की खबर आई थी। एक ब्रिटिश सांसद के पुत्र की तस्वीर भी रूसी सेना ने जारी कर दी थी, जिसे बाद में गिरफ्तार भी कर लिया गया था।

रूसी सेना ने अपने ऊपर हुए कई हमलों के लिए भी विदेशी सेना को जिम्मेदार ठहराया था। इसी क्रम में यह आरोप लगाया गया था कि ब्लैक सी के रूसी पोत पर हमले के लिए वे विदेशी पोत जिम्मेदार थे, जो काफी दूर तो थे लेकिन वहां से सारा हमला संचालित किया जा रहा था। इस रोमानिया के मारे गये सैनिक के बारे में और कुछ विशेष जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है।