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हजारीबाग जेल भी आये थे भाड़े के शूटर

  • यूपी के गैंगस्टार अमन सिंह से पूछताछ

  • कार के टायर में नाईट्रोजन गैस भरी थी

  • कोयला सिंडिकेट पर अधिक संदेह कायम

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः राजेश झा उर्फ ​​राजू की हत्या को 12 दिन बीत जाने के बाद भी विशेष जांच दल (एसआईटी) हत्यारों की शिनाख्त को लेकर अब भी अंधेरे में है। वे चश्मदीदों के बयानों से तैयार किए गए हत्यारों के रेखाचित्रों पर भरोसा करते हैं। हालांकि, जांचकर्ता पहले ही उत्तर प्रदेश के एक अपराधी से पूछताछ कर चुके हैं, जो झारखंड के हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद है।

हालांकि पुलिस सूत्रों के मुताबिक अपराधी ने जांचकर्ताओं के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है एसआईटी के हाथ और भी चौंकाने वाली जानकारियां आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी के सदस्य बुधवार को झारखंड के हजारीबाग केंद्रीय सुधार गृह गए थे।

उन्होंने वहां उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर अमन सिंह से पूछताछ की। हजारीबाग जेल के अलग सेल में 4 घंटे तक जांचकर्ता अमन से तरह-तरह के सवालों का जवाब लेना चाहते हैं। राजू की हत्या को लेकर तरह-तरह के सवाल किए गए। लेकिन जांचकर्ताओं के सूत्रों के मुताबिक अमन ने उन सभी सवालों का जवाब नहीं दिया।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, राजू की हत्या की योजना लंबे समय से बनाई जा रही थी। राजू की हत्या किस जगह की गई और पुलिस और सीसीटीवी कैमरों से कैसे बचा जाए, हर कदम पर हत्यारों की सटीक योजना का पता लगाएं। उदाहरण के लिए, हत्यारे पुलिस को बेवकूफ बनाने के लिए कॉलिंग ऐप के जरिए एक-दूसरे से संवाद करते थे।

ताकि जांचकर्ताओं के हाथ में कॉल रिकॉर्ड न आ जाए और ताकि पहचान छिपाई जा सके। टायर फटने से बचाने के लिए कार के टायरों में नाइट्रोजन गैस भर दी गई। इससे स्पष्ट है कि इस हत्या की साजिश लंबी प्लानिंग का नतीजा है। अब इसके पीछे कोयला कारोबार का काला सच है अथवा उनका भाजपा में शामिल होना, इस पर भी अभी संशय के बादल हैं।

वैसे जांच टीम को संदेह है कि पश्चिम बंगाल में अवैध कोयला खनन पर कड़ाई होने की वजह से राजू झा हाल में झारखंड में नया सिंडिकेट बनाने की पहल कर चुके थे। इसलिए हो सकता है कि अवैध कोयला कारोबार की वजह से ही उनकी हत्या एक साजिश के तहत की गयी हो।