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दस्तावेजों के लीक होने के बाद रूस ने हमला तेज किया

लेनिनग्राडः रूस ने पूर्वी यूक्रेन के कई शहरों पर हवाई जहाज और तोप से हमले शुरू किए हैं। रूस ने ऐसा कड़ा हमला ऐसे समय में किया जब यूक्रेन के खिलाफ जवाबी हमले की योजना समेत अमेरिकी दस्तावेजों को जारी करने को लेकर तनाव चरम पर था। यूक्रेनी बलों ने दावा किया कि रूसी सैनिकों ने मंगलवार को पूर्वी डोनेट्स्क क्षेत्र में भारी आक्रमण किया।

यूक्रेन ने पुष्टि की है कि भारी बमबारी से कई शहर प्रभावित हुए हैं। दरअसल समझा जाता है कि अमेरिकी माध्यम से जो गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं, उसमें इस बात की पुष्टि हो गयी है कि यूक्रेन में जारी युद्ध में पश्चिमी देशों की सक्रिय भूमिका है। वैसे रूस ने पहले ही यह आरोप लगाया था।

इसके तहत कई अमेरिकी और ब्रिटिश सैनिक भी युद्धबंदी बनाये गये थे। इन सभी के बारे में उनके अपने देशों का कहना था कि वे सारे लोग पूर्व सैनिक थे और स्वयंसेवी संगठनों के साथ जुड़कर काम कर रहे थे। रूस ने एक ब्रिटिश सांसद के पुत्र को सैनिक वर्दी में होने का फोटो भी जारी कर दिया था।

इस बीच एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए गोपनीय दस्तावेजों से सनसनीखेज जानकारियां सामने आ रही हैं। पश्चिमी देशों के विशेष बलों के सैन्य सदस्य गुप्त रूप से यूक्रेन में रह रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लीक हुए दस्तावेजों में, 22 मार्च के एक दस्तावेज में कहा गया है कि यूक्रेन में 50 यूके सैनिक, 17 लातवियाई सैनिक, 15 फ्रांसीसी सैनिक, 14 अमेरिकी सैनिक और एक डच विशेष बल है।

हालाँकि, दस्तावेज़ में यह उल्लेख नहीं है कि ये सैनिक यूक्रेन के किसी भी क्षेत्र में तैनात हैं। ऐसा ही आरोप रूस ने प्रारंभिक दौर में लगाया था और यह भी कहा था कि रूसी जहाजों पर कुछ हमले विदेशी जहाजों से किये गये हैं। रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन पहले ही यह कह चुके हैं कि नाजीवादी ताकतों को पश्चिमी देशों से मदद मिल रही है।

यह सभी यूक्रेन को मोहरा बनाकर रूस के खिलाफ यह युद्ध छेड़े हुए हैं। रूस ने कुछ इलाकों को अपनी सीमा में शामिल करने की बात कहकर एक नया वितर्क खड़ा कर दिया है। दूसरी तरफ 23 मार्च के एक दस्तावेज़ में यूक्रेन के अंदर सक्रिय पश्चिमी विशेष बलों की एक छोटी संख्या की उपस्थिति का उल्लेख किया गया है। हालांकि, उनकी गतिविधियों या स्थान के बारे में कुछ खास नहीं बताया गया। यूनाइटेड किंगडम का सबसे बड़ा समूह (50) है, इसके बाद लातविया (17), फ्रांस (15), संयुक्त राज्य अमेरिका (14) और नीदरलैंड (1) हैं।