Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
कुदरत का कहर! मार्च में 70% ज्यादा बारिश ने छीना किसानों का निवाला; खेतों में बिछ गई गेहूं की सुनहरी... Yamunanagar Crime News: दढ़वा माजरी गांव में पथराव और हिंसा, विवाद के बाद मची अफरा-तफरी; भारी पुलिस ... हरियाणा में 'बीमार' हुई स्वास्थ्य सेवाएं! RTI में बड़ा खुलासा—5,000 से ज्यादा पद खाली; बिना डॉक्टर औ... मिसाल बना तुर्कापुर! हरियाणा की यह पंचायत हुई पूरी तरह 'टीबी मुक्त', DC ने गोल्ड सर्टिफिकेट देकर थपथ... हरियाणा में पंचायती जमीन पर रास्तों का खेल खत्म! सरकार लाने जा रही है बेहद सख्त नियम; अवैध कब्जा किय... "PM मोदी से मिलने का बुलावा!"—दिव्यांग क्रिकेट कोच दीपक कंबोज का बड़ा बयान; बोले—एक मुलाकात से बदलेग... Bhopal BMC Budget 2026: भोपाल नगर निगम का 3938 करोड़ का बजट, सीवेज टैक्स में भारी बढ़ोतरी; ₹10 हजार ... ग्वालियर में नवरात्रि का 'महंगा' असर! 10% तक बढ़े फलों के दाम; गर्मी के चलते तरबूज की भारी डिमांड, जा... Army Day Parade 2027 Bhopal: भोपाल में पहली बार होगी सेना दिवस की परेड, 15 जनवरी को दिखेगा शौर्य; CM... Jabalpur SAF Salary Scam: करोड़ों का गबन कर क्लर्क फरार, 10 दिन बाद ही धूमधाम से की शादी; जबलपुर पुल...

पोलैंड के किसानों ने कहा जेलेंस्की का दौरा भंडूल कर देंगे

  • कई पश्चिमी देशों में अब किसान संगठनों का जोर

  • यूक्रेन के राष्ट्रपति का पोलैंड दौरा होने वाला है

  • अनाज की कीमतों पर सरकार से सीधी लड़ाई

वारसाः पोलैंड के किसान अपने अनाज की सही कीमत नहीं मिलने से बहुत नाराज है। इसलिए उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि वे यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के पोलैंड दौरे में बाधा खड़ी कर देंगे। भारत में काफी लंबे समय तक चले किसान आंदोलन के बाद पोलैंड के अलावा कई अन्य पश्चिमी देशों में किसान आंदोलन जोर पकड़ रहा है।

वहां के किसान भी अपनी ट्रैक्टरों से तूफान खड़ा करना सीख गये हैं। किसानों की इस धमकी को गंभीरता से लिया गया है। ऐसा इसलिए है क्योंकि रूस से युद्ध प्रारंभ होने के बाद पोलैंड ही यूक्रेन का पहला मददगार बना था। नाटो के नियमों से बाहर जाकर उसने यूक्रेन को कई अतिरिक्त हथियार भी उपलब्ध कराये हैं।

वलोडिमिर ज़ेलेंस्की इस यात्रा पर कठिन समय में खड़े रहने के लिए आभार व्यक्त करने के लिए जाएंगे। इधर पोलैंड के किसान साफ साफ कर रहे हैं कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गयी तो यह दौरा वे लोग मिलकर भंडूल यानी तहस नहस  कर देंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी मात्रा में यूक्रेनी अनाज पोलैंड में प्रवेश करने के कारण देश के किसानों द्वारा उत्पादित अनाज की कीमत गिर गई है।

इससे उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। किसान इस मुद्दे को लेकर ज़ेलेंस्की से नाराज़ हैं। जैसे ही उन्हें पता चला कि ज़ेलेंस्की पोलैंड आ रहा है, उन्होंने उसकी यात्रा को रोकने के लिए पूरी कोशिश करने की धमकी दी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पोलिश किसानों को इस तरह की धमकियों से रूसियों को यह संदेश जाएगा कि यूक्रेन को लेकर पश्चिम की एकता में दरार आ गई है।

जामोक किसान संघ के प्रमुख मार्सिन सोबज़ुक ने पोलिश मीडिया इंटरिया से कहा,  युद्ध लड़ने वालों को इसके बारे में सोचने की ज़रूरत है। उनके संघ ज़ेलेंस्की की यात्रा का बहिष्कार करने के लिए तैयार हैं। युद्ध की शुरुआत से पहले यूक्रेन में उत्पादित अनाज की एक निश्चित मात्रा यूरोपीय संघ (ईयू) देशों में प्रवेश कर सकती है।

हालाँकि, युद्ध के बाद, संघ द्वारा कुछ सीमाएँ और कर हटा लिए गए थे। उसके बाद टनों अनाज बिना किसी प्रतिबंध के यूरोपीय देशों में चला जाता है। हालाँकि, यूरोपीय संघ ने यह सुनिश्चित करने के लिए ऐसी पहल की कि यूक्रेन की फ़सलों को अफ्रीका सहित दुनिया के अन्य देशों में निर्यात किया जा सके।

हालांकि, वर्तमान में यूक्रेन का अनाज यूरोपीय संघ के देशों में बना हुआ है। जिसका असर देश के क्षेत्रीय बाजारों पर पड़ा है।

पोलैंड, हंगरी और रोमानिया के पूर्वी यूरोपीय देशों में किसानों ने विशेष रूप से अनाज की कीमतों में गिरावट देखी है, जिससे कई लोग नाराज हैं। पोलिश प्रधान मंत्री माटुस्ज़ मोराविकी ने कहा कि उन्होंने यूरोपीय आयोग को पत्र लिखकर यूक्रेनी फसलों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा था। पोलैंड के किसानों का कहना है कि उन्होंने अब तक ऐसा कुछ नहीं देखा है। यूक्रेन का अनाज मुख्य रूप से इसलिए जम रहा है क्योंकि पोलैंड में परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मुख्य समस्या यूक्रेन में मालगाड़ी है। वर्तमान में इन ट्रेनों का उपयोग अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है।