Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Delhi News: दिल्ली में सरकारी दफ्तरों का समय बदला, सीएम रेखा गुप्ता ने ईंधन बचाने के लिए लागू किए कड... Maharashtra IPS Transfer: महाराष्ट्र में 96 IPS अफसरों के तबादले, '12th Fail' वाले मनोज शर्मा बने मु... Aurangabad News: औरंगाबाद के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़, टीसी देने के बहाने घर बुलाने का आर... Asansol Violence: आसनसोल में लाउडस्पीकर चेकिंग के दौरान बवाल, पुलिस चौकी पर पथराव और तोड़फोड़ Sabarimala Temple: सबरीमाला मंदिर के कपाट मासिक पूजा के लिए खुले, दर्शन के लिए वर्चुअल बुकिंग अनिवार... Bengal Madrasa News: पश्चिम बंगाल में अवैध मदरसों पर एक्शन की तैयारी, सुवेंदु सरकार जल्द जारी करेगी ... मौसम पूर्वानुमान: बंगाल की खाड़ी में बना दबाव क्षेत्र, दिल्ली-राजस्थान सहित इन राज्यों में तेज आंधी ... NEET-UG 2026 Paper Leak: सीबीआई की बड़ी कामयाबी, मास्टरमाइंड केमिस्ट्री लेक्चरर पी.वी. कुलकर्णी गिरफ... Punjab Politics: पंजाब में SIR को लेकर सियासी घमासान, चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने उठाए... Varanasi News: दालमंडी सड़क चौड़ीकरण तेज, 31 मई तक खाली होंगी 6 मस्जिदें समेत 187 संपत्तियां

मनेंद्रगढ़ में मिनी राजस्थान! चंग की थाप पर फाग गीतों ने बांधा समां, देखें होली महोत्सव की तस्वीरें

मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: एमसीबी शहर इन दिनों राजस्थानी रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है. हर साल की तरह इस बार भी राजस्थानी होली महोत्सव का भव्य आगाज हो चुका है. चंग की थाप और फाग गीतों की मधुर स्वर लहरियों से शहर की गलियां गूंज उठी हैं. पारंपरिक वेशभूषा में सजे लोग समूह बनाकर गीत गाते और झूमते हुए निकल रहे हैं, जिससे पूरे शहर का माहौल उल्लासमय हो गया है.

मनेंद्रगढ़ में होली महोत्सव

राजस्थान की सालों पुरानी परंपरा अब मनेंद्रगढ़ की एक विशेष सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है. जैसे ही शाम ढलती है, राजस्थानी समाज की टोलियां चंग लेकर विभिन्न मोहल्लों में पहुंचती हैं और घर-घर जाकर फाग गीत गाते हैं. इस दौरान उनका स्वागत अबीर-गुलाल लगाकर किया जाता है, जो आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है. यह सांस्कृतिक आयोजन महाशिवरात्रि से शुरू होकर होली तक निरंतर चलता है.

राजस्थान की परंपरा को उन्हीं यादों को सहेजने के लिए मनाते हैं. लोकगीतों से जरिए हम अपने जमीन से जुड़े हुए हैं. महाशिवरात्रि के बाद से ही होली के चंग शुरू हो जाते हैं. एक दूसरे के घर जाकर होली गीत गाते हैं-उत्तम दुग्गड़, राजस्थानी टोली सदस्य

होली पर राजस्थानी पारंपरिक फाग गीत

सामूहिक फाग गायन और चंग वादन के माध्यम से समाज के लोग एक-दूसरे से जुड़ते और त्योहार की खुशियां साझा करते थे.समय के साथ यह परंपरा उन सभी स्थानों तक पहुंच गई, जहां राजस्थान के लोग निवास करते हैं. मनेन्द्रगढ़ में भी राजस्थान के लोग इस सांस्कृतिक विरासत को पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सहेज रहे हैं.

पुरुष पारंपरिक धोती-कुर्ता और साफा धारण किए रहते हैं, वहीं महिलाएं रंग-बिरंगे घाघरा-ओढ़नी में लोकगीतों की मधुर प्रस्तुति देती हैं. चंग की थाप पर गाए जाने वाले फागगीत प्रेम, उमंग और सामाजिक एकता का प्रतीक हैं.

ये परंपरा बहुत साल पुरानी है. हम राजस्थान के रहने वाले हैं. अपनी परंपरा को जिंदा रखने उसे निभा रहे हैं. राजस्थान की भाषा और कल्चर को जिंदा रख रहे हैं. प्रेमजी सेठिया, राजस्थानी टोली सदस्य

एमसीबी में राजस्थानी संस्कृति की मधुर गूंज

होली महोत्सव में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. शहर के विभिन्न मोहल्लों में प्रतिदिन टोलियां पहुंच रही हैं और उत्सव का आनंद दोगुना कर रही हैं. जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, महोत्सव की रौनक और भी बढ़ती जा रही है. होली तक रंग, उमंग और परंपरा का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा, जिससे मनेंद्रगढ़ की फिजाओं में राजस्थानी संस्कृति की मधुर गूंज सुनाई देती रहेगी.