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खालिस्तानी संगठन ने दी असम के मुख्यमत्री को धमकी

  • इस मुद्दे पर प्राथमिकी दर्ज की गयी हैः डीजीपी

  • ऑडियो मैसेज आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू का

  • कांग्रेस नेता भूपेन बोरा, सरमा की सुरक्षा को लेकर चिंतित

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: : दिल्ली और असम में असमिया पत्रकारों को मिले एक ऑडियो संदेश के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। ऑडियो संदेश में खुद को प्रतिबंधित ‘सिख फॉर जस्टिस’ का सदस्य बताने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नू नाम के आतंकी ने शर्मा को धमकी दी थी।

सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के आतंकवादी गुरपतवन सिंह पन्नू ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को धमकी दी है। धमकी भरा कॉल असम के पत्रकारों को किया गया था। पन्नू ने मुख्यमंत्री को धमकी देते हुए कहा , असम में कैद खालिस्तान समर्थकों को प्रताड़ित किया गया है।

बहुत ध्यान से सुनो , सी एम सरमा , लड़ाई खालिस्तान समर्थक सिखों और भारतीय शासन के बीच है। धमकी भरे कॉल में एसजेएफ के जनरल का उंसिल ने आगे कहा , सरमा , इस हिंसा का शिकार मत बनो ।

ऑडियो मैसेज जो दूसरे चैनलों में प्रसारित हुआ

धमकी में कहा गया – अगर अमृतपाल के सहयोगियों को कुछ कहा तो आप जिम्मेदार होंगे पन्नू ने कहा , हम खालिस्तान जनमत संग्रह की एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से भारतीय कब्जे से पंजाब की मुक्ति की मांग कर रहे हैं। यदि आपकी सरकार छह (डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद अमृतपाल के सहयोगियों ) को प्रताड़ित और परेशान कर रही है,है तो आपको जवाबदेह ठहराया जाएगा ।

अमृतपाल सिंह और उनके संगठन वारिस पंजाब दे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई 18 मार्च को शुरू हुई थी, उसके कुछ हफ्ते बाद उन्होंने और उनके समर्थकों ने एक गिरफ्तार व्यक्ति की रिहाई के लिए अमृतसर के पास अजनाला पुलिस स्टेशन पर धावा बोल दिया था। अमृतपाल सिंह के गिरफ्तार सहयोगियों को असम की जेल में रखा गया है

अमृतपाल सिंह जालंधर में कार्रवाई को चकमा देने में कामयाब रहा और पुलिस के अनुसार, कईबार अपना रूप बदलकर अलग-अलग वाहनों में भाग निकला । पंजाब पुलिस अभी भी अमृतपाल की तलाश में जुटी है। पंजाब पुलिस ने उसके कई साथियों को वैमनस्य फैलाने, हत्या के प्रयास और हमले, पुलिस कर्मियों और लोक सेवकों द्वारा वैध कर्तव्य निर्वहन में बाधा उत्पन्न करने से संबंधित आपराधि कमामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिया है।

उन्होंने उनमें से कुछ के खिलाफ सख्तराष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाया है।इस बीच, असम के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने रविवार को कहा कि खालिस्तान समर्थक समूह द्वारा मुख्यमंत्री हिमंत बिश्व शर्मा को दी गई धमकी को बहुत गंभीरता से लिया गया है।कुछ पत्रकारों को भेजे गए एक कथित ऑडियो क्लिप में ‘सिख फॉर जस्टिस’ के संस्थापक गुरपतवंत सिंह पन्नू को शर्मा को धमकी देते हुए सुना गया।

पन्नू सरकार द्वारा घोषित आतंकवादी है।डीजीपी ने ट्वीट किया, ‘‘भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की संबंधित धाराओं के तहत एसटीएफ पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को भी उभरते खतरों के मद्देनजर सतर्क किया गया है। सिंह ने कहा, ‘‘असम पुलिस द्वारा इस खतरे को काफी गंभीरता से लिया गया है।

केंद्रीय एजेंसियों को इस मुद्दे पर अवगत कराया गया है।खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह के कुल आठ सहयोगी वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ केंद्रीय जेल में बंद हैं। 19 मार्च से जेल में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है, जब ‘वारिस पंजाब दे’ के चार सदस्यों को वहां लाया गया था।

अमेरिका स्थित खालिस्तानी समर्थक समूह से हिमंत बिस्वा सरमा को कथित तौर पर धमकी मिलने की खबरों के बीच पहली बार असम कांग्रेस ने असम के मुख्यमंत्री के प्रति थोड़ी चिंता दिखाई है।असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री को आतंकवादी खतरों के बारे में पढ़ा है।मैं असम पुलिस विशेष रूप से डीजीपी असम पुलिस से मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाने का आग्रह करता हूं। हम एपीसीसी हमेशा आतंकवादियों के खिलाफ खड़े हैं।