Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
BJP OBC Politics: काशी में बीजेपी का मास्टरस्ट्रोक; अशोक चौरसिया को कमान देकर पिछड़ा वर्ग को साधने क... Lohagad Murder Case: पुणे मंगेतर हत्याकांड में SIT जांच के निर्देश; विधानसभा में गूंजा केतन अग्रवाल ... WB Anti-Social Activities Bill: पश्चिम बंगाल में 'निवारक हिरासत' का प्रावधान; विधानसभा में पेश होगा ... Sanjay Dina Patil Controversy: शिवसेना सांसद के 'बम' वाले बयान पर मचा बवाल; ठाकरे गुट ने दर्ज कराई श... Fake Helmet Factory Ghaziabad: गाजियाबाद में दो हेलमेट इकाइयों पर BIS का छापा; लाइसेंस खत्म होने के ... Passport Fees Hike 2026: 1 जुलाई से महंगा होगा पासपोर्ट बनवाना; जानिए नई दरों की पूरी लिस्ट Ram Mandir Donation Controversy: चांदी का काकभुशुण्डि मिलने के बाद भी खड़े हुए सवाल; दानदाताओं ने रसी... Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में FIR दर्ज; गबन और धोखाधड़ी की धाराओं में 8 आ... LPG Supply Rules Changed: सरकार का बड़ा फैसला; व्यावसायिक LPG पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए गए Ram Mandir Donation Scam: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी कार्रवाई; ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों...

भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाकर चुनावी तैयारी

  • क्षेत्रीय दल अपने इलाके में ताकत बढ़ाये

  • राहुल को आगे करना भाजपा की चाल है

  • जरूरत पड़ी तो बाद में मोर्चा बनाया जाएगा

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः बंगाल की मुख्यमंत्री ओडिशा के दौरे पर हैं। उनके दौरे के कार्यक्रम में उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मुलाकात की। इसी राजनीतिक मुलाकात के क्रम में ममता बनर्जी ने श्री पटनायक से भेंट में जगन्नाथ पुरी में पश्चिम बंगाल सरकार के गेस्ट हाउस के लिए भी जमीन मांगी है। इस क्रम में उन्होंने जगन्नाथपुरी में पूजा करने के बाद बंगाल सरकार के गेस्ट हाउस के लिए जमीन का मुआयना भी किया है।

इससे पहले ममता बनर्जी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के कलकत्ता में पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की। वह भाजपा और कांग्रेस से अलग अन्य दलों के नेताओं को यह समझाने की कोशिश कर रही हैं कि दरअसल भाजपा भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार वाली चाल से अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।

ममता ने पहले ही कांग्रेस के साथ मोर्चाबंदी नहीं करने का एलान कर रखा है। साथ ही टीएमसी ने 2024 के चुनाव में अकेले रहने का भी एलान कर दिया है। इतना ही नहीं,  राहुल गांधी लंदन में जो भी टिप्पणियां की थी, उन सभी पर तृणमूल कांग्रेस ने बात करना बंद नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि लंदन में राहुल गांधी की टिप्पणियों से भाजपा को फायदा हुआ है।

ममता का आकलन है कि सीबीआई और ईडी के मुद्दे पर भी विरोधी एक नहीं हो पा रहे हैं। अब धीरे धीरे यह साफ हो रहा है कि ममता बनर्जी नवीन पटनायक से मिलकर इसी फार्मूला को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। वह चाहती हैं कि तमिलनाडु में स्टालिन और डीएमके की सीटों की संख्या बढ़ाएं, केसीआर में तेलेंगना में ताकत बढ़ाएं।

इसी तरह ओड़िया में नवीन पटनायक और बीजेडी अपनी सीटों की संख्या बढ़ाये। दिल्ली में केजरीवाल। इस फार्मूला से क्षेत्रीय स्तर पर जो संतुलन कायम होगा, उससे कांग्रेस और भाजपा दोनों को परास्त कर पाना संभव होगा। उनके मुताबिक 2024 से पहले कोई नया मोर्चा बनाने की जरूरत नहीं है। 2024 में जरूरत पड़ी तो वोट के नतीजे आने के बाद गठबंधन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा।