Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बापटला बीच पर मिला शिवलिंग पीठम और मूर्तियां; लहरों के साथ बहीं या जमीन से निकलीं? जांच में जुटा प्र... रीलबाजी की सनक पड़ी भारी: ग्वालियर में 3400 किस वाली कार का कटा चालान, मालिक से मौके पर साफ करवाए लि... वंदे मातरम् विवाद पर ओवैसी का बयान: 'संविधान की शुरुआत हम भारत के लोग से होती है', बीजेपी-कांग्रेस म... दिल्ली में ₹35 प्रति किलो बिकेगा प्याज: केंद्र सरकार ने चलाया 'कांदा एक्सप्रेस', NAFED और NCCF स्टोर... इस्लामाबाद के PIMS अस्पताल में भीषण आग: AC कंप्रेसर फटने से 15 नवजात बच्चों की जिंदा जलकर मौत, PM शह... बिना आंदोलन के भी यह काम हो सकता था मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मिले विदेश मंत्री जयशंकर बलात्कार के दोषी राम रहिम को 21 दिनों का फर्लो ऑनलाइन धतूरा बेच रहे कई कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई प्याज और चीनी के दाम सरकार पर अतिरिक्त बोझ

भाजपा और कांग्रेस से दूरी बनाकर चुनावी तैयारी

  • क्षेत्रीय दल अपने इलाके में ताकत बढ़ाये

  • राहुल को आगे करना भाजपा की चाल है

  • जरूरत पड़ी तो बाद में मोर्चा बनाया जाएगा

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः बंगाल की मुख्यमंत्री ओडिशा के दौरे पर हैं। उनके दौरे के कार्यक्रम में उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी मुलाकात की। इसी राजनीतिक मुलाकात के क्रम में ममता बनर्जी ने श्री पटनायक से भेंट में जगन्नाथ पुरी में पश्चिम बंगाल सरकार के गेस्ट हाउस के लिए भी जमीन मांगी है। इस क्रम में उन्होंने जगन्नाथपुरी में पूजा करने के बाद बंगाल सरकार के गेस्ट हाउस के लिए जमीन का मुआयना भी किया है।

इससे पहले ममता बनर्जी ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के कलकत्ता में पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की। वह भाजपा और कांग्रेस से अलग अन्य दलों के नेताओं को यह समझाने की कोशिश कर रही हैं कि दरअसल भाजपा भी राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार वाली चाल से अपनी जीत सुनिश्चित करना चाहती है।

ममता ने पहले ही कांग्रेस के साथ मोर्चाबंदी नहीं करने का एलान कर रखा है। साथ ही टीएमसी ने 2024 के चुनाव में अकेले रहने का भी एलान कर दिया है। इतना ही नहीं,  राहुल गांधी लंदन में जो भी टिप्पणियां की थी, उन सभी पर तृणमूल कांग्रेस ने बात करना बंद नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि लंदन में राहुल गांधी की टिप्पणियों से भाजपा को फायदा हुआ है।

ममता का आकलन है कि सीबीआई और ईडी के मुद्दे पर भी विरोधी एक नहीं हो पा रहे हैं। अब धीरे धीरे यह साफ हो रहा है कि ममता बनर्जी नवीन पटनायक से मिलकर इसी फार्मूला को आगे बढ़ाने का काम कर रही हैं। वह चाहती हैं कि तमिलनाडु में स्टालिन और डीएमके की सीटों की संख्या बढ़ाएं, केसीआर में तेलेंगना में ताकत बढ़ाएं।

इसी तरह ओड़िया में नवीन पटनायक और बीजेडी अपनी सीटों की संख्या बढ़ाये। दिल्ली में केजरीवाल। इस फार्मूला से क्षेत्रीय स्तर पर जो संतुलन कायम होगा, उससे कांग्रेस और भाजपा दोनों को परास्त कर पाना संभव होगा। उनके मुताबिक 2024 से पहले कोई नया मोर्चा बनाने की जरूरत नहीं है। 2024 में जरूरत पड़ी तो वोट के नतीजे आने के बाद गठबंधन बनाने में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा।