Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Crime in Train: नशीला लड्डू खिलाकर मां को किया बेहोश, ट्रेन से 10 महीने का बच्चा चोरी; पुलिस ने शुरू... Atishi vs BJP: 'दिल्ली में बेलगाम अपराध के लिए भाजपा जिम्मेदार', मुख्यमंत्री आतिशी ने महिला सुरक्षा ... जयपुर-दिल्ली हाईवे पर 'मौत' का तांडव! टैंकर और ट्रेलर की भिड़ंत के बाद केमिकल रिसाव से लगी भीषण आग, ... दिल्ली में दमघोंटू प्रदूषण और कोहरे की दोहरी मार! AQI 400 के पार पहुंचा, मौसम विभाग ने जारी किया 'ये... Startup India Ranking: उत्तराखंड बना 'स्टार्टअप लीडर' स्टेट, केंद्र सरकार की रैंकिंग में राज्य को मि... कर्नाटक में मचेगा सियासी बवाल? दिल्ली पहुंचे डीके शिवकुमार का बड़ा बयान- 'अब तो समय ही सब बताएगा', क... हैवानियत की हद! पति बोला- 'दोस्तों से रिलेशन बनाओ वरना बेच दूंगा', पुलिस के सामने फफक कर रो पड़ी पत्न... Rajasthan Crime: राजस्थान में एक गोत्र में शादी के विवाद में प्रेमी जोड़े ने दी जान, 15 दिनों तक पेड... किश्तवाड़ में भीषण मुठभेड़: आतंकियों से लोहा लेते सेना के 8 जवान घायल, 'ऑपरेशन त्राशी-I' के जरिए घेर... Manipur Rape Case: न्याय की गुहार लगाते थमीं पीड़िता की सांसें, 2.5 साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली; जा...

यूक्रेन पर रूस का हमला अभी और खतरनाक मोड़ पर पहुंचेगा

कियेबः रूसी सेना की तैयारियों को देखकर यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यूक्रेन पर हमले के लिए वे बर्फवारी के रूकने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस बीच चार प्रांतों पर रूसी सेना अपना नियंत्रण मजबूत करती जा रही है।

वैसे रणनीति के जानकार यह मान रहे हैं कि रूसी सेना सिर्फ इस मौसम में हुई बर्फवारी के पिघल जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आगामी दिनों के बहुत बड़े हमले के लिए गोला बारूद एकत्रित किया जा रहा है। दूसरी तरफ यूक्रेन तथा उसकी मदद करने वाले नाटो के सदस्य देश अब हथियारों को लेकर चिंतित हैं।

रूसी टैंकों का मुकाबला करने के लिए यूक्रेन के पास कोई हथियार नहीं है। दूसरी तरफ जर्मनी अब तक अपने लेपर्ड टैंक देने में आनाकानी कर रहा है। इसे लेकर नाटो के सदस्य देशों के बीच भी मतभेद उभरते हुए नजर आने लगे हैं। यूक्रेन का अनुमान है कि इस बीच रूसी सेना फिर से कियेब पर हमला करने की तैयारियों में जुटी है।

रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन द्वारा पांच लाख अतिरिक्त सैनिकों को इस मोर्चे पर लगाने के एलान से ही यह बात साफ हो रही है। अभी ठंड के मौसम में अनेक इलाके बर्फ से दबे हुए हैं। इसलिए जब बर्फ पिघलना प्रारंभ होते ही रूसी सेना उन इलाको पर हमला करेगी, जहां अभी तक जोरदार हमला नहीं हुआ है।

यह अलग बात है कि मॉस्को ने अतिरिक्त सेना की तैनाती की खबरों को गलत बताया है। नाटो के सदस्य देशों के अलावा यूरोप के सारे देश इस स्थिति से चिंतित हैं क्योंकि रूस के आगे बढ़ने की हालत में दूसरे देशों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगा। यह स्थिति तब होगी जबकि वहां पर पूर्व के सोवियत संघ जमाने के कई देश तथा उस दौर के सोवियत समर्थक देश मौजूद हैं।

जर्मनी द्वारा अपने लेपर्ड टैंक नहीं देने की वजह से यूक्रेन को इस लड़ाई में नुकसान हो रहा है। दूसरी तरफ जर्मनी ने शर्त रख दी है कि वह तभी यह टैंक यूक्रेन भेजेगा जब अमेरिका भी कुछ टैंक यूक्रेन को देगी।

जर्मनी को इस बात की चिंता है कि अपने देश के भारी भरकम टैंक यूक्रेन को देने से रूस के साथ उसके अपने रिश्ते बिगड़ सकते हैं। दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान रूस के समर्थन की वजह से वहां की जनता का बहुमत अब भी रूस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के खिलाफ है।

पोलैंड के पास भी ऐसे टैंक हैं लेकिन जर्मनी की सहमति के बिना वह इन टैकों को यूक्रेन नहीं भेज सकता। दूसरी तरफ बाल्टिक क्षेत्र के देश लाटिविया, एस्टोनिया और लिथुआनिया इस स्थिति से अत्यधिक चिंतित हैं क्योंकि उन्हें भी अपने सर पर खतरा मंडराता हुआ दिख रहा है।