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यह योजना परिवर्तनकारी और बाजी पलटने वाली सिद्ध होगी: मोदी

  • अब युद्ध का तौर तरीका बदल गया है

  • तकनीकी तौर पर सक्षम बेहतर सैनिक होंगे

  • महिला अग्निवीरों को देखने की उत्सुकता जतायी

नयी दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सैनिकों की भर्ती की नयी अग्निवीर योजना को परिवर्तनकारी नीति बताते हुए सोमवार को कहा कि यह हमारे सशस्त्र बलों को मजबूत बनाने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने के मामले में एक बाजी पलटने वाली सिद्ध होगी। श्री मोदी ने कहा कि सरकार भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास कर रही है।

प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेसिंगग के माध्यम से तीनों सेनाओं के उन अग्निवीरों के पहले बैच को संबोधित कर रहे थे। इन बैच के अग्निवीरों का बुनियादी प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। श्री मोदी ने उन्होंने अग्निवीरों को पथ-प्रदर्शक अग्निपथ योजना के अग्रणी होने पर बधाई दी।

तकनीक के इस युग में बिना-संपर्क युद्ध के नए मोर्चों की चुनौतियों के बारे में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम सैनिक हमारे सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अग्निपथ योजना किस प्रकार महिलाओं को भी सशक्त बनाएगी।

उन्होंने कहा कि वह तीनों सेनाओं में महिला अग्निवीरों को देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। श्री मोदी ने इस अवसर पर अग्निवीरों से कहा कि वे इस अवसर का उपयोग विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के बारे में अधिक से अधिक जानने के लिए उपयोग करें। श्री मोदी ने इस योजना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परिवर्तनकारी नीति हमारे सशस्त्र बलों को मजबूत बनाने और उन्हें भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने में एक गेम चेंजर (बाजी पलटने वाली) साबित होगी।

प्रधानमंत्री ने इस बात की पुष्टि की कि युवा अग्निवीर सशस्त्र बलों को और अधिक युवा और तकनीक रूप से व्ज़्यावहारिक बनाएंगे। उन्होंने अग्निवीरों की क्षमता की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भावना सशस्त्र बलों की वीरता को दर्शाती है, जिसने सदैव राष्ट्र के झंडे को ऊंचा रखा है।

उन्होंने कहा कि इस अवसर से उन्हें जो अनुभव प्राप्त होगा, वह जीवन भर उनके लिए गौरव का स्रोत सिद्ध होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत एक नए जोश से भरा हुआ है और हमारे सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में युद्ध लड़ने के तौर-तरीकों में बदलाव हो रहा है।

बिना सीधे संपर्क के युद्ध के नए मोर्चों और साइबर युद्ध की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तकनीकी रूप से सक्षम सैनिक हमारे सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से युवाओं की वर्तमान पीढ़ी में यह क्षमता है, इसलिए अग्निवीर आने वाले समय में हमारे सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता जाहिर की कि किस प्रकार महिला अग्निवीर नौसेना का गौरव बढ़ा रही हैं। उन्ज़्होंने कहा कि वह तीनों सेनाओं में महिला अग्निवीरों को देखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने सियाचिन में तैनात की गई महिला सैनिकों और आधुनिक लड़ाकू विमानों को चलाने वाली महिला पायलटों का उदाहरण देते हुए उल्लेख किया कि किस प्रकार महिलाएं विभिन्न मोर्चों पर सशस्त्र बलों का नेतृत्व कर रही हैं।

श्री मोदी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में तैनाती से उन्हें विविध अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वे उन्हें विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों तथा जीवन जीने के तरीकों को भी सीखने का प्रयास करना चाहिए। श्री मोदी ने अग्निवीरों को अपनी पसंद के क्षेत्र में अपने कौशल को बेहतर बनाने के लिए काम करते हुए नई चीजों को सीखने के लिए उत्सुक बने रहने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने यह कहते हुए अपना संबोधन समाप्त किया कि आप ही हैं जो 21वीं सदी में राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान करने जा रहे हैं।