Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
अज्ञातवास में चल रहे मोजतबा खमेनेई करेंगे समझौते पर हस्ताक्षर इजरायल ने अब दक्षिणी लेबनान में जमीनी हमला तेज किया लाखों जायरीनों ने अराफात पर्वत पर दुआ की हमास के नये सैन्य प्रमुख पर किया गया हमला पिछले चार दशकों से डाक्टर और मरीज दोनों गलतफहमी में थे घने जंगलों के निवासियों का अपनी गुप्त संवाद तंत्र कायम है, देखें वीडियो Namo Bharat News: दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर नमो भारत की 10 अतिरिक्त ट्रिप्स; अब और भी आसान होगा सफर असम में समान नागरिक संहिता विधेयक पास Border Security News: घुसपैठ और तस्करी पर नकेल; अमित शाह ने जिला अधिकारियों को सौंपी अहम जिम्मेदारी,... Modi Govt 12 Years: मोदी सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे; भाजपा मनाएगी भव्य जश्न, 2047 का रोडमैप होग...

सत्ता परिवर्तन के पहले देश छोड़कर भागा राष्ट्रपति

साओ पाओलोः पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोलसानारो देश छोड़कर भाग गये हैं। वह अभी अमेरिका के फ्लोरिया में विमान से उतरे हैं। दरअसल ब्राजिल में हुए चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन की वजह से उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा है। ब्राजिल में हुए चुनाव में जनता ने लुइज लूला डा सिल्वा के पक्ष में मतदान किया था। ब्राजिलिया हवाई अड्डे से वायुसेना के विमान से उड़ने वाले बोलसानारो का विमान अमेरिका के फ्लोरिडा में उतरा है।

वहां पत्रकारों के सवालों का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा है कि वह देश वापस लौटेंगे और उनका संघर्ष जारी रहेगा। दूसरी तरफ ब्राजिल सरकार ने एक नया अध्यादेश जारी कर सभी सरकारी कर्मचारियों को निर्वाचित राष्ट्रपति का आदेश का पालन करने को कहा। उसके बाद सत्ता हस्तांतरण के पहले ही अपने सलाहकारों और पत्नी को लेकर बोलसानारो देश छोड़कर भाग निकले।

वैसे उनके भाग जाने की वजह से ब्राजिल में सत्ता हस्तांतरण की प्रचलित प्रक्रिया का इस बार पालन नहीं हो पायेगा। देश छोड़कर जाने के पहले उन्होंने अपने समर्थकों को दिये संदेश में कहा कि आगामी 1 जनवरी 2023 को ब्राजिल का अंत नहीं होने जा रहा है। उन्होंने अपना देश छोड़ने के फैसले के लिए हिंसा को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि हवाई अड्डे पर भी बम विस्फोट की कोशिश हुई थी।

वहां अति दक्षिणपंथी समझे जाने वाले इस नेता को पहले जनता ने सर आंखों पर बैठाया था। चुनाव में पराजित होने के बाद उनके समर्थकों ने सेना से भी दखल देने की मांग की थी। उनलोगों का आरोप था कि इस बार पूरी चुनाव प्रक्रिया ही लूट ली गयी थी। इस कारण गलत ढंग से उनके दल को हराया गया है। सेना ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया।

उसके बाद से सारी परिस्थितियां तेजी से बदलती चली गयी। इसका नतीजा है कि अब नये राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के पहले ही उन्हें अपने खास समंर्थकों के साथ देश छोड़कर अमेरिका भाग जाना पड़ा है। समझा जाता है कि उनके कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों की जांच में दोषी पाये जाने तथा जेल जाने की आशंका को देखते हुए ही वह चुपचाप वायुसेना के विमान से ही अमेरिका भाग निकले हैं।