Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lucknow Fire Tragedy: अलीगंज की बिल्डिंग में भीषण आग; एसी डक्ट से फैली लपटों ने ली 15 जिंदगियां Ujjain Gaya Kotha Tirth: उज्जैन के गयाकोठा तीर्थ का बदलेगा स्वरूप; विकास कार्यों के लिए मिले 6.7 करो... Madhya Pradesh News: ट्रांसफर नियमों का उल्लंघन? एमएसएमई और पीडब्ल्यूडी में वरिष्ठता को लेकर बढ़ा विव... Gwalior JAH Hospital News: जया आरोग्य अस्पताल में पार्किंग के नाम पर खुली लूट; खुद अस्पताल के डॉक्टर... Gwalior Coaching Fire Safety: ग्वालियर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा राम भरोसे; केवल 3 के पास फायर... MP UCC Draft: मध्य प्रदेश में 10 दिन में तैयार होगा समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट; जानें आदिवासियों ... Gwalior News: डीएलएड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी का खुलासा; चाचा दे रहा था भतीजे की जगह परीक्षा, प... Terror Module Exposed: भोपाल एटीएस की बड़ी कार्रवाई; 'लोन वुल्फ' मॉड्यूल तैयार करने वाले सरगना की रिम... Mephedrone Drugs Network: भोपाल में ड्रग्स बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़; हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी ... Seoni Jumbo Sitaphal GI Tag: सिवनी के सीताफल को मिला GI टैग; अब दुनिया भर में बिखेरेगा अपने स्वाद का...

कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र के सीमा विवाद पर आरोप प्रत्यारोप जारी

  • एकनाथ शिंदे की चुप्पी पर विपक्ष आक्रामक

  • कनार्टक के सीएम को दिल्ली का बुलावा आया

  • फडणवीस ने कहा राज्य के साथ अन्याय नहीं

नागपुर: कर्नाटक के साथ महाराष्ट्र का सीमा विवाद महाराष्ट्र की राजनीति को प्रभावित कर रहा है। यहां चल रहे विधानसभा के सत्र के दौरान सरकार को बार बार विपक्ष के साथ साथ अपने समर्थक सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सोमवार को राज्य विधान परिषद में कहा कि केंद्र सरकार को कर्नाटक के कब्जे वाले महाराष्ट्र क्षेत्र को केंद्र शासित प्रदेश घोषित करना चाहिए। महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच सीमा विवाद पर उच्च सदन में बोलते हुए श्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह केवल भाषा और सीमा का मामला नहीं है बल्कि मानवता का मामला है।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सीमा विवाद पर आक्रामक हैं जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे चुप हैं। श्री ठाकरे ने कहा कि जब तक उच्चतम न्यायालय बेलगावी का फैसला नहीं करता, कारवार और निप्पनी को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इसे विधानसभा में पारित होने वाले प्रस्ताव में जोड़ा जाना चाहिए।

इस बीच विधान भवन परिसर के बाहर विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया और कर्नाटक-महाराष्ट्र सरकार सीमा मुद्दों को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ नारेबाजी भी की। विधानसभा में शिवसेना विधायक भास्कर जाधव ने मांग की कि महाराष्ट्र सरकार को सीमा रेखा पर एक मजबूत प्रस्ताव पारित करना चाहिए।

मामला गरमाने के बीच ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई दिल्ली में गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि जनवरी के पहले हफ्ते में कैबिनेट विस्तार तय हो जाएगा और बसवनगौड़ा पाटिल यतनाल, सीपी योगेश्वर, राजुगौड़ा, अप्पुगौड़ा पाटिल, दत्तात्रेय पाटिल रावुर के नाम सबसे आगे हैं।

ऐसी संभावनाएं हैं कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को पार्टी संगठन के लिए इस्तेमाल किया जाएगा और हाईकमान रेड्डी को भी नई पार्टी के प्रभाव के बारे में जानकारी मिलेगी। संभावना है कि गणमान्य लोग प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के राज्य के दौरे पर भी चर्चा करेंगे और आरक्षण संघर्ष के मुद्दों पर चर्चा करेंगे. सीएम बोम्मई मंगलवार को दिल्ली से लौटेंगे। इसके बीच ही यह चर्चा है कि सीमा विवाद की वजह से ही उन्हें दिल्ली बुलाया गया है।

महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के लगातार छठे दिन महाविकास अघाड़ी (एमवीए) के विधायकों ने विधानसभा भवन की सीढ़ियों पर जाकर राज्य की शिंदे-देवेंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सोमवार को शीतकालीन सत्र के छठे कार्य दिवस के दिन विपक्षी दल के नेता अजित पवार और अंबादास दानवे के नेतृत्व में एमवीए के विधायकों ने नारेबाजी की और विरोध-प्रदर्शन किया।

उन्होंने राज्य सरकार विरोधी नारे महाराष्ट्र को बेलगाम, कारवार और निपानी, के साथ एकजुट रहना चाहिए, महाराष्ट्र का शोषण, गुजरात में निवेश, इस्तीफा दें, इस्तीफा दें, मुख्यमंत्री इस्तीफा दें, बक्सा दो, प्लाट लो, कर्नाटक सरकार हाय-हाय, ईडी सरकार हाय हाय, राज्यपाल हटाओ, महाराष्ट्र बचाओ, गली-गली में शोर है, खोके सरकार चोर है आदि लगाये।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अपने नेता अजित पवार पर महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री दीपक केसरकर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रवीण पोटे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते  हुए कहा कि वह (श्री पवार) राज्य के ‘सियासी शेर’ हैं इसलिए उन्हें भेड़ियों और लोमड़ियों के झुंड में शामिल होने की जरुरत नहीं है। राकांपा के प्रदेश प्रवक्ता महेश तापसे ने सोमवार को कहा कि श्री पवार निश्चित रूप से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कहा कि वक्त भी हमारा होगा और पार्टी भी राष्ट्रवादी होगी।

विपक्षी दलों ने सोमवार को राज्य विधानसभा में राज्य के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार को निष्कासित करने की मांग की, क्योंकि उनका नाम उच्च न्यायालय द्वारा गायरान भूमि में लिया गया है। विपक्षी नेता अजित पवार ने आज यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने गायरन भूमि मामले में श्री सत्तार पर अपना शिकंजा कस दिया है।

इसके बाद महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (एमवीए) के विधायकों ने आक्रामक तेवर दिखाया और सदन के बीचों बीच बैठकर श्री सत्तार के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। इसके अलावा, पूर्व मंत्री और विधायक दिलीप वलसे पाटिल और पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधायक पृथ्वीराज चव्हाण ने भी श्री सत्तार के इस्तीफे की मांग की।

विवाद के बीच महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने सोमवार को विधानसभा को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा मुद्दे पर एक इंच जमीन के लिए भी लड़ाई लड़ेगी। श्री फडनवीस ने विधानसभा में जवाब देते हुये कहा कि सरकार कर्नाटक में मराठी लोगों के लिए जो भी संभव होगा वह करेगी।

उन्होंने कहा, हम सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले अपने लोगों को अकेला नहीं छोड़ेंगे। हम एक-एक इंच जमीन के लिए लड़ाई लड़ेंगे, चाहे वह सुप्रीम कोर्ट हो या केंद्र। हम सीमावर्ती इलाकों में रहने वालों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ लड़ेंगे और प्रस्ताव लाएंगे। महाराष्ट्र विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे सप्ताह के पहले दिन, विपक्षी दलों ने सीमा विवाद के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया और महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवारा बोम्मई के खिलाफ नारेबाजी भी की।