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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ एक बहुत बड़ा खुलासा

  • चुनाव के वक्त नहीं किया था एलान

  • कंपनी ने कई देशों में कारोबार किया

  • साढ़े पांच महीनों में कर्ज अदा कर दिया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों की राजनीति में यह खुलासा हलचल पैदा कर गया है। लगातार अपनी कमाई के बारे मे सूचनाएं छिपाते पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में पहली बार पता चला है कि उन्होंने एक ऐसी कंपनी से 19.8 मिलियन कर्ज ली, जो उत्तर कोरिया से जुड़ी हुई थी। इसके अलावा उन्होंने अपने इस लेनदेन के बारे में सरकार को सूचनाएं भी नहीं दी।

राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के पहले इस किस्म के लेनदेन का खुलासा नहीं करना गलत माना जाता है। यहां तक कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद भी उन्होंने इस जानकारी को छिपाये रखा था। अमेरिका में उनके खिलाफ जारी जांच में पहली बार इससे संबंधित दस्तावेज सामने आये हैं। दस्तावेजों की जांच से यह भी पता चला है कि राष्ट्रपति बनने के बाद खुद ट्रंप ने इस कर्ज को साढ़े पांच महीनों में ही चुका दिया था।

इस मामले में रोचक मोड़ तब आया जब पता चला कि जिस दक्षिण कोरिया की कंपनी से डोनाल्ड ट्रंप ने कर्ज लिया था, वह दरअसल उत्तर कोरिया से जुड़ी हुई कंपनी थी। दक्षिण कोरिया की यह एकमात्र कंपनी थी, जिसे नब्बे के मध्य तक उत्तर कोरिया में कारोबार करने की छूट मिली हुई थी।

इस कंपनी के साथ डोनाल्ड ट्रंप का कारोबारी रिश्ता वर्ष 1997 से जुड़ा रहा है। इस साझेदारी में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के पास एक बहुमंजिली इमारत का निर्माण किया गया है। ट्रंप की साझेदारी से इस कंपनी ने दक्षिण कोरिया में भी अनेक परियोजनाओँ का काम पूरा किया है।

लाभ के पद पर होने की वजह से यह मसला ट्रंप के अगली बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने के एलान पर ग्रहण लगा सकता है। आम तौर पर व्यापार में इस किस्म का कर्ज लेना कोई गलत नहीं माना जाता है। लेकिन इस चुनाव से पहले इसकी औपचारिक जानकारी नहीं दी जाए तो वह गलत माना जाता है।

अब दस्तावेजों की छानबीन में इस कंपनी की जानकारी मिलने के बाद धीरे धीरे पूरा मामला ही खुलता जा रहा है। उसके अलावा उत्तर कोरिया के साथ रिश्ता रखने वाली इस दक्षिण कोरिया की कंपनी के साथ उनका जुड़ाव अमेरिकी नागरिकों के लिए हैरानी की बात है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका उत्तर कोरिया के तानाशाह का घोर विरोधी है। उधर जांच करने वालों ने पाया है कि ट्रंप के कारोबारी रिश्ते की वजह से इस कंपनी ने कई देशों में भी काम किया है, जिनमें कनाडा और ब्राजिल भी शामिल है।