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ब्रिटेन में रोमन साम्राज्य के ऐतिहासिक धरोहर मिले

  • किसान के पुत्र ने पहले प्राचीन बरतन खोजे थे

  • पुरातत्व विभाग और शोध दल ने और काम किया

  • चोरों से बचाने के लिए स्थान को ढंक दिया गया है

लंदनः रूटलैंड के इलाके में पूर्व इतिहास के और भी साक्ष्य मिले हैं। इस बार यह खोज एक किसान के खेत में हुई है। उसकी खेत के नीचे एक रोमन साम्राज्य के काल का बड़ा सा मकान मिला है। देखने पर ही यह पता चल जाता है कि यह मकान उस काल के किसी पैसे वाले का था क्योंकि वहां जो कुछ दिख रहा है वह प्राचीन वैभव की कहानी बयां करता है।

मजेदार बात यह है कि यह सारा इतिहास वहां के एक किसान की खेतों के नीचे दबा हुआ था। वर्ष 2021 से ही इस इलाके में प्राचीन इतिहास के साक्ष्य होने की पुष्टि हो गयी थी। पहली बार यह नमूना देखने को मिला है कि उस काल में भी लोग कला के पारखी थे। इसके नमूने शोध दल को मिले हैं। जिस नये इलाके की खोज हुई है वह बहुत बड़े इलाके में फैला हुआ है। प्राचीन रोमन विला से करीब 164 फीट की दूरी पर एक बड़ा हॉल भी मौजूद पाया गया है।

वहां पर लोगों के रहने के कमरों के अलावा स्नान के लिए गर्म और ठंडे पानी का अलग अलग इंतजाम होने की भी पुष्टि हुई है। अनुमान है कि यह सब कुछ तीसरी अथवा चौथी शताब्दी एडी के काल का है। काफी लंबे समय तक उपेक्षित रहने की वजह से यह पूरा इलाका ही धीरे धीरे जमीन के नीचे दफन हो गया था।

इस खोज की कहानी भी रोचक पायी गयी है। कोरोना महामारी के दौरान जब पहली बार यहां लॉकडाउन लगा तो जिम इरविन ने अपने पिता के खेत में काम करते हुए कुछ पुराने बरतन देखे। यह परिवार भी धरोहरों की थोड़ी बहुत समझ रखता था। इसलिए पूरे परिवार ने मिलकर लॉकडाउन का फायदा उठाते हुए और खुदाई की। खुदाई में और अधिक नमूने मिलने के बाद परिवार की तरफ से स्थानीय पुरातत्व विभाग को सूचना दी गयी। इस सूचना के आधार पर यूनिवर्सिटी ऑफ लीसेस्टर के वैज्ञानिक भी वहां पहुंचे।

वैज्ञानिक दल ने आंकड़े और बाकी तथ्य एकत्रित किया और लॉकडाउन की वजह से जल्द ही लौट गये। दोबारा लौटने के बाद इस दल ने बड़ी सावधानी से पूरे इलाके में खनन कार्य दोबारा प्रारंभ किया। इस बार की खदाई में एक के बाद एक प्राचीन धरोहर निकलते चले गये।

लीसेस्टर विश्वविद्यालय के उप निदेशक जॉन थॉमस ने कहा कि वहां जिस तरीके से जमीन पर नक्काशी की गयी है, उससे उस काल की मकान बनाने की तरकीब का पता चलता है। शोध दल का मानना है कि वहां से  मिले साक्ष्यों की वैज्ञानिक जांच से ही इसके काल का सही सही पता चल पायेगा।

वैसे पुरातत्व की वस्तुओं को चोरों के हाथ से बचाने के लिए इस खुदाई स्थल को फिर से ढंक दिया गया है। अब तक जो कुछ मिला है, उसकी जांच कर उस समय के कालखंड की चीजों को समझने की कवायद अभी चल रही है। शोध दल ने साफ कर दिया है कि इतने बड़े इलाके की खुदाई का काम भविष्य में भी जारी रहेगा। लोगों को वहां पहुंचने से रोकने के लिए इस स्थान की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गयी है।