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खरबपति हिंदुजा परिवार अपने विवादों को निपटायेगा

  • 38 देशों में फैला है इस परिवार का व्यापार

  • कंपनी के साथ डेढ़ लाख कर्मचारी जुड़े हैं

  • उम्र जनित परेशानी से जूझ रहे बड़े भाई

लंदनः खरबपति हिंदुजा परिवार अपने ही चार भाइयों को कानूनी विवाद में खत्म होता जा रहा था। अनेक मुकदमों के बीच अब चारों भाइयों के बीच से सुलह की बात आयी है। खबर है कि वह चारों हर कानूनी मुकदमा खत्म करने पर सहमत हो गये हैं। दुनिया में हिंदुजा परिवार के चार भाइयों श्रीचंद, गोपीचंद, प्रकाश और अशोक के बीच जारी कानूनी जंग की वजह से इस समूह के 14 खरब की बादशाहत खतरे में पड़ गयी थी।

इन विवादों की वजह से इस समूह क विकास भी ठहर सा गया था। अब पता चला है कि चारों ने इस झगड़े को समाप्त करने पर सहमति जतायी है। इन चारों का विवाद पूरे यूरोप के अलग अलग देशों मे फैला हुआ था क्योंकि इस समूह का कारोबार भी पूरी दुनिया में फैला हुआ है। दरअसल इस विवाद की शुरुआत परिवार के सबसे बड़े भाई श्रीचंद हिंदुजा की पुत्री के आरोप से हुआ है।

86 वर्षीय श्रीचंद काफी दिनों से याददाश्त की बीमारी से जूझ रहे हैं। नकी पुत्री ने आरोप लगाया था कि उनके चाचा लोग पिता के हिस्से से वंचित करने की साजिश रच रहे हैं। इस आरोप के बाद उन्होंने ब्रिटेन की एक अदालत में मुकदमा दायर कर दिया था। इसमें पूरे समूह का विधिसम्मत बंटवारा करने की मांग कर दी गयी थी। इसके पहले चार भाइयों के बीच यह सहमति थी कि इस खानदान के सभी कंपनियों पर सभी का अधिकार है और कोई किसी एक का नहीं है। दरअसल चारों भाइयों ने अपने पिता स्वर्गीय परमानंद दीपचंद हिंदुजा की सीख पर ऐसा फैसला लिया था।

वर्तमान हिंदुजा परिवार के सबसे बड़े भाई श्रीचंद की पत्नी के अलावा दो बेटियां शानू और वीनू है। गोपीचंद को अपनी पत्नी से दो पुत्र हैं जिनका नाम संजय और धीरज है तथा एक पुत्री रीता है। प्रकाश की पत्नी कमल के दो पुत्र अजय और रामकिशन और एक पुत्री रेणुका हैं। अशोक और उनकी पत्नी हर्षा की दो पुत्रियां अंबिका, सत्या और एक पुत्र सोम है। अब फिर से कानूनी विवाद समाप्त करने पर बनी सहमति के बाद इस समूह का 38 देशों में फैले कारोबार और डेढ़ लाख कर्मचारियों का नियंत्रण किसके पास होगा, यह सवाल अब तक अनसुलझा है।