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बड़ा तालाब में छठ बीता और नजर आने लगी जलकुंभी

छठ के पहले तक पूरा तालाब साफ था

कोई जानबूझकर डाल रहा है छोटी डाल

कई वर्षों से होता रहा है लाखों का खेल

राष्ट्रीय खबर

रांचीः बड़ा तालाब के कुछ इलाकों में रातोंरात जलकुंभी नजर आने लगे हैं। छठ के पहले तक यह तालाब पूरी तरह जलकुंभी या दूसरी गंदगी से मुक्त था। धनतेरस और दीपावली के पूजन विसर्जन को भी नगर निगम के कर्मचारियों ने पूरी तरह साफ कर दिया था। छठव्रतियों के लिए तालाब के छठ घाटों पर सुरक्षा के लिहाज से पानी के अंदर बांस का घेरा भी बनाया गया था। अब छठ बीतने के साथ साथ आज वहां जलकुंभी का ढेर साफ नजर आने लगा है।बड़ा तालाब में छठ बीता और नजर आने लगी जलकुंभी

देखने पर ही पता चलता है कि किसी ने बाहर से लाकर जलकुंभी की छोटी डालियों को तालाब में डाला है। पानी में रहने के बाद यह बहुत तेजी से बढ़ते हैं, इसकी जानकारी हर किसी को है।

पहले ड्रेजर चलाकर इस तालाब को पूरी तरह साफ कर लेने के बाद यहां एक ही रात में जलकुंभी आना इस बात का संकेत है कि कोई समूह जानबूझकर यहां फिर से जलकुंभी साफ करने का टेंडर का खेल चालू करने के लिए ऐसा कर रहा है। वरना बिना बरसात के किसी दूसरे माध्यम से यहां जलकुंभी आने का कोई कारण भी नहीं है।

ऐसा इसलिए है कि हाल के दिनों में रांची में बारिश भी नहीं हुई है। बारिश होने की स्थिति में तालाब में उत्तरी छोर से गंदे नाले का पानी आता है। उस तरफ से ना आकार यह मुख्य घाट के करीब फैल रहा है। इसी से स्पष्ट है कि किसी ने रात के अंधेरे में जलकुंभी को बाहर से लाने के बाद उसकी छोटी छोटी डालियों को आस पास फेंक दिया है। रात में तालाब में आने के बाद यह जलकुंभी तेजी से फैल रहे हैं। उन्हें अगर तुरंत ही नहीं हटाया गया तो आने वाले एक सप्ताह में यह पूरे तालाब को घेर लेंगे, इसका पूर्व अनुभव तालाब के पास से गुजरने वालों को भी है।

बता दें कि इस तालाब में जलकुंभी साफ करने के टेंडर का खेल वर्षों से होता आया है। इसके नाम पर लाखों की कमाई होती आयी है। अब तालाब को ड्रेजर चलाकर साफ किये जाने के बाद इस टेंडर के खेल की कोई गुंजाइश नहीं बची थी। इसी लिए गिरोह ने छठ बीत जाने के बाद फिर से वहां जलकुंभी डालकर अपनी कमाई का रास्ता खोलने की साजिश रची है।