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नेतन्याहू की पार्टी की जीत पर बहुमत से अब भी दूरी कायम

अरब पार्टी ने किंग मेकर बनने का दावा किया

येरूशलमः इजराइल में हुए हालिया संसदीय चुनावों में अरब राजनीतिक दलों ने रिकॉर्ड सफलता हासिल की है और वे देश की भावी सरकार के निर्माण में किंगमेकर की भूमिका में उभरकर सामने आए हैं। मंगलवार को हुए भारी मतदान के बाद आए मतगणना रुझानों के अनुसार, दो प्रमुख अरब दलों—युसूफ जबारीन के नेतृत्व वाली जॉइंट लिस्ट और मंसूर अब्बास के नेतृत्व वाली राअम को कुल मिलाकर लगभग 19 सीटें मिलने का अनुमान है, जो नेसेट (इजराइली संसद) में उनकी वर्तमान मौजूदगी से लगभग दोगुनी हैं।

जॉइंट लिस्ट के नेता युसूफ जबारीन ने कहा कि उनकी पार्टी अपनी संभावित 12 सीटों का उपयोग नेतन्याहू सरकार को हटाने और इजराइल की राजनीतिक स्थिति में बदलाव लाने के लिए करेगी। जबारीन ने स्पष्ट किया कि गाजा में सैन्य अभियान और दक्षिणी लेबनान पर कब्जे के समर्थन के कारण वे आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे, लेकिन एक अल्पसंख्यक सरकार को बाहर से समर्थन देने की संभावना से इनकार नहीं किया। उनका कहना है कि वे अरब समुदाय के अधिकारों, समानता और सुरक्षा की रक्षा के लिए अपनी शर्तें रखेंगे।

दूसरी ओर, राअम के प्रमुख मंसूर अब्बास ने एक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने अपने दल में एक यहूदी पूर्व पुलिस अधिकारी को शामिल किया है और आइजनकोट के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है। अब्बास ने दावा किया कि चुनाव से पहले ही दक्षिणपंथी और बदलाव गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे संपर्क किया था। हालाँकि, आइजनकोट और नेतन्याहू की लिकुड पार्टी दोनों ने ही चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक रूप से किसी भी अरब पार्टी के साथ औपचारिक गठबंधन बनाने या बातचीत करने से साफ इनकार किया है।

इजराइल में अरब नागरिक कुल आबादी का लगभग 20 प्रतिशत (करीब 21 लाख) हैं। ये नागरिक देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जहाँ 20 फीसद से अधिक डॉक्टर, लगभग 25 प्रतिशत नर्सें और करीब 50 फीसद पंजीकृत फार्मासिस्ट अरब मूल के हैं। संसद में अरब दलों की यह अभूतपूर्व बढ़त इजराइल की घरेलू राजनीति, नागरिक अधिकारों और भावी सरकारी गठबंधनों में एक नया और निर्णायक मोड़ ला सकती है।