केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों को खुश कर दिया
मूल वेतन का 62 फीसद हुआ डीए
सातवें वेतन आयोग की सिफारिश
कर्मचारी संघों ने इसकी मांग की थी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से महंगाई भत्ता मूल वेतन के 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। यह बढ़ोतरी दिवाली से एक सप्ताह से अधिक समय पहले की गई है और यह चालू वर्ष की 1 जुलाई से लागू मानी जाएगी। इस फैसले से केंद्र सरकार के लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वीकृत फॉर्मूले के अनुसार की गई है।
महंगाई भत्ता, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवन-यापन की लागत को संतुलित करने के लिए दिया जाने वाला एक बुनियादी वित्तीय समायोजन है। इसका मुख्य उद्देश्य निश्चित आय वर्ग पर मुद्रास्फीति और बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कम करना है। यह भत्ता मूल वेतन के प्रतिशत के रूप में तय किया जाता है और कर्मचारियों की क्रय शक्ति (खरीदने की क्षमता) को बनाए रखने के लिए स्थापित मुद्रास्फीति सूचकांकों के आधार पर इसमें समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
मुद्रास्फीति और महंगाई से जुड़ा यह भत्ता वर्ष में दो बार संशोधित किया जाता है, जो आमतौर पर जनवरी और जुलाई के महीनों में होता है। इसकी गणना श्रम मंत्रालय के अंतर्गत श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने जारी किए जाने वाले औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है।
कर्मचारी संघ के एक हालिया पत्र में पिछले कुछ वर्षों में महंगाई भत्ते में हुई क्रमिक वृद्धि को रेखांकित किया गया था। पत्र के आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता जुलाई 2023 में 46 फीसद था। इसके बाद यह बढ़कर जनवरी 2024 में 50 फीसद, जुलाई 2024 में 53 फीसद, जनवरी 2025 में 55 फीसद, जुलाई 2025 में 58 फीसद और जनवरी 2026 में 60 फीसद तक पहुंच गया। इस प्रकार जुलाई 2023 से जनवरी 2026 के बीच महंगाई भत्ते में कुल 14 प्रतिशत अंक की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।