साक्ष्य गुम होने की दलील के चुनाव आयोग की दलील खारिज
कर्नाटक के चुनाव का मामला है
मात्र 201 वोटों से जीत दर्ज की थी
अगली सुनवाई में साक्ष्य पेश करना होगा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को भारत निर्वाचन आयोग को इस बात के लिए कड़ी फटकार लगाई कि वह कर्नाटक के श्रृंगेरी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 2023 में हुई वोटों की गिनती की वीडियो रिकॉर्डिंग तलाशने में असमर्थता जता रहा है। शीर्ष अदालत कांग्रेस नेता टी.डी. राजेगौड़ा और भाजपा उम्मीदवार डी.एन. जीवराज के बीच चुनाव विवाद से जुड़े एक मामले की सुनवाई कर रही थी। राजेगौड़ा ने 2023 के विधानसभा चुनाव में श्रृंगेरी सीट से केवल 201 मतों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की थी। हालांकि, हाल ही में पुनर्गणना के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को हटा दिया गया था, जिसमें जीवराज को अधिक मत मिलने की घोषणा की गई थी। मई में, शीर्ष अदालत ने राजेगौड़ा को राहत देते हुए यह निर्देश दिया था कि उनकी याचिका के लंबित रहने के दौरान वे विधायक बने रहेंगे।
बुधवार को न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ ने उस समय आश्चर्य व्यक्त किया जब चुनाव आयोग ने कहा कि वह 2023 में हुई मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग का पता लगाने में असमर्थ है। अदालत ने कहा, भारत निर्वाचन आयोग यह कैसे कह सकता है कि उसने अपना रिकॉर्ड खो दिया है? आपका पूरा उद्देश्य चुनाव कराना है और इसके लिए आपके पास दस्तावेज़ होने चाहिए। आपके यह कहने का क्या औचित्य है कि हाँ, हम इसे तलाशने की कोशिश कर रहे हैं? आपने इसे निर्वाचित उम्मीदवार को दे दिया। क्या रिकॉर्ड की कोई सुरक्षा या अभिरक्षा नहीं है? आपके पास जो कुछ भी है, उसे अगली तारीख पर पेश करें। अन्यथा, हमें आपके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना पड़ेगा। हम इस तरह के लचर बहानों को स्वीकार नहीं करेंगे।
अदालत ने उल्लेख किया कि कांग्रेस विधायक मूल मतगणना और हाल ही में हुई पुनर्गणना की वीडियो रिकॉर्डिंग तथा पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) की रिपोर्ट देखना चाहते हैं। जब अदालत ने कहा कि वह चुनाव आयोग को ये दस्तावेज़ और वीडियो रिकॉर्डिंग पेश करने का निर्देश देगी, तो चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शेषाद्रि नायडू ने कहा कि वे 2023 का वीडियो खोजने में असमर्थ रहे हैं। हालांकि, पीठ इस दलील से सहमत नहीं हुई। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 15 फरवरी, 2027 को तय करते हुए स्पष्ट किया, आपके पास जो भी उपलब्ध है, उसे अगली सुनवाई की तारीख तक पेश करें। अन्यथा हमें आपके खिलाफ प्रतिकूल निष्कर्ष निकालना होगा।