तमिलनाडु में पार्टी को मजबूत करना हैः एल मुरुगन
दक्षिण भारत में भाजपा की परेशानी बढ़ी
बिट्टू और कूरियन दे चुके हैं इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने भी कुर्सी छोड़ी है
राष्ट्रीय खबर
चेन्नईः सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मंगलवार को राज्यसभा और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वह दक्षिणी राज्य की राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तमिलनाडु वापस लौटेंगे।
पिछले चार महीनों में इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में मुरुगन तीसरे ऐसे नेता हैं। उनसे पहले पूर्व रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पूर्व अल्पसंख्यक कार्य तथा मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन भी इस्तीफा दे चुके हैं। इन लगातार इस्तीफों के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि मंत्रिपरिषद में फेरबदल जल्द ही होने वाला है।
हालाँकि यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि इस फेरबदल में कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा—जिन्हें इस महीने की शुरुआत में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकित नहीं किया गया था—मंत्री के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे या नहीं।
जब नरेंद्र मोदी ने जून 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब मंत्रिपरिषद में कुल 71 सदस्य थे। वर्तमान में मंत्रिपरिषद में 68 सदस्य हैं।
एल मुरुगन ने एक्स पर अपने पोस्ट में लिखा, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत माता और तमिलनाडु की सेवा करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है… अब, मैं जमीनी स्तर पर वापस लौटना चाहता हूँ, अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूँ और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में भाजपा को मजबूत करने के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करना चाहता हूँ।