ट्रंप की ऊर्जा युद्धविराम घोषणा का जमीन पर कोई असर नहीं
कीवः यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एक बार फिर रूस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम की घोषणा किए जाने के बावजूद, रूसी सेना ने यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर ताबड़तोड़ हमले जारी रखे हैं। ज़ेलेंस्की के अनुसार, ट्रंप की इस घोषणा के ठीक बाद रूसी हमलों की चपेट में आकर यूक्रेन के कुल छह ऊर्जा संयंत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रथ सोशल पर यह दावा किया था कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा प्रतिष्ठानों को न बख्शने और तत्काल प्रभाव से एक ऊर्जा युद्धविराम लागू करने पर सहमति बन गई है। हालांकि, इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में रूसी ड्रोनों और मिसाइलों से हमले शुरू हो गए। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ट्रथ सोशल का उपयोग नहीं करते हैं और उन्हें इस समझौते से कोई सरोकार नहीं है।
यूक्रेनी प्रशासन का कहना है कि सर्दियों का मौसम नजदीक आने के साथ ही रूस एक बार फिर यूक्रेन की बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सेवाओं को पूरी तरह ठप करने की सोची-समझी रणनीति पर काम कर रहा है, जिसे वेपनाइजिंग विंटर यानी सर्दी को हथियार बनाना कहा जा रहा है। ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन इस तरह के शांति प्रयासों और युद्धविराम का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है, बशर्ते रूस भी इसका ईमानदारी से पालन करे। उन्होंने यह भी कहा कि कीव अमेरिकी अधिकारियों से इस समझौते की विस्तृत रूपरेखा और शर्तों का इंतजार कर रहा है।
दूसरी ओर, यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने भी इस बात पर संदेह जताया है कि मॉस्को इस प्रकार के किसी समझौते का सम्मान करेगा या नहीं। जानकारों का मानना है कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस भीषण संघर्ष में ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने से आम नागरिकों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं, और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के तमाम प्रयासों के बावजूद जमीन पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।