सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भारतीय प्रेस परिषद का पुनर्गठन किया
नईदिल्लीः पश्चिम बंगाल के प्रमुख पत्रकार प्रज्ञानंद चौधरी और ओड़िशा के प्रसन्ना मोहंति को भारतीय प्रेस परिषद का सदस्य मनोनित किया गया है। बुधवार को केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से भारतीय प्रेस परिषद के सदस्य के रूप में 13 पत्रकारों के नामों की अधिसूचना जारी कर दी है। भारतीय प्रेस परिषद देश की एक प्रमुख मीडिया निगरानी संस्था है। इन नामांकित नामों में छह अखबारों के संपादक और सात अन्य कामकाजी पत्रकार शामिल हैं।
विज्ञप्ति के अनुसार, इस अधिसूचना से पहले मंत्रालय द्वारा इस वर्ष की शुरुआत में नामांकन किए जाने और परिषद द्वारा सरकार को तीन बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद इन 13 सदस्यों के नामों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं किया गया था। इस राजपत्र (गजट) अधिसूचना के लंबित रहने के कारण भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) पिछले लगभग एक साल से अपनी निर्धारित क्षमता से आधी संख्या के साथ काम कर रही थी, जिसमें एक भी कामकाजी पत्रकार या समाचार पत्र का संपादक शामिल नहीं था।
प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 के प्रावधानों के तहत कार्य करने वाली इस संस्था में एक अध्यक्ष और 28 सदस्य होने चाहिए, जिनका कार्यकाल तीन साल का होता है। अब तक 28 में से केवल 14 सदस्यों की नियुक्ति की गई थी, जिसमें अध्यक्ष के अलावा पांच सांसद, तीन मनोनीत सदस्य और अखबारों के मालिकों तथा प्रबंधन से जुड़े छह लोग शामिल थे।
इससे पहले दिन में, एडिटर्स गिल्फ ऑफ इंडिया ने भी प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 के अनुरूप 15वीं प्रेस परिषद के तत्काल पुनर्गठन की मांग की थी, जिसमें पेशेवर पत्रकारों के लिए आरक्षित सभी 13 सीटों को तुरंत भरने की बात कही गई थी। नई अधिसूचना के तहत, कामकाजी पत्रकारों (संपादकों) की श्रेणी में प्रदीप कुमार जैन, सैयद रज़ा हुसैन रिज़वी, अंकुर दुआ, अपर्णा शुक्ला, राज परवाना/नरेंद्र सिंह और विनोद बाजपेयी को नामित किया गया है।
इसके अलावा, संपादकों से इतर कामकाजी पत्रकारों की श्रेणी में जिन सात लोगों को नामित किया गया है, उनमें विनोद कोहली, गीतार्थ पाठक, प्रज्ञानंद चौधरी, किंशुक प्रमाणिक, सी.के. नायक, प्रसन्ना कुमार मोहंती और बिजय काछिंगटाबाम शामिल हैं। यह नामांकन प्रेस परिषद अधिनियम की धारा 5 की उप-धारा (3) के खंड (क) के तहत, धारा 6 की उप-धारा (1) के साथ पठित करके किए गए हैं। यह अधिसूचना सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा संयुक्त सचिव के.के. निराला के हस्ताक्षर से जारी की गई।