अमेरिकी नजरदारी के बीच ब्रिक्स सम्मेलन में नई कूटनीति
आपसी संबंध मजबूत बनाने पर जोर
पेजेशकियन की पहली भारत यात्रा
दुनिया को ब्रिक्स जैसा मंच चाहिए
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक के बाद कूटनीतिक और रणनीतिक मोर्चे पर गहरे सहयोग की नई रूपरेखा सामने आई है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने आपसी संबंधों को एक दीर्घकालिक और दोनों पक्षों के लिए लाभकारी दिशा देने पर विशेष जोर दिया।
मुलाकात के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि यह राष्ट्रपति पेजेशकियन की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है, जिससे दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नई गति मिली है। बैठक का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों के साथ-साथ पश्चिम एशिया में वर्तमान में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षा हालातों पर गहन विचार-विमर्श करना रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान भारत के पारंपरिक और स्पष्ट रुख को दोहराते हुए इस बात पर बल दिया कि क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले सभी विवादों तथा समस्याओं का समाधान केवल और केवल शांतिपूर्ण संवाद और कूटनीतिक माध्यमों से ही निकाला जाना चाहिए।
इसके अतिरिक्त, दोनों नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता, वाणिज्यिक गतिविधियों की सुरक्षा और समुद्री परिवहन में लगे नाविकों के कल्याण व सुरक्षा को सुनिश्चित करने की गंभीर आवश्यकता पर भी विचार साझा किया। पिछले दो हफ्तों से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी आमने-सामने की मुलाकात थी। इससे पहले दोनों नेता 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सतत संपर्क का स्वागत करते हुए कहा कि बिश्केक से लेकर दिल्ली तक यह उत्पादक चर्चाएं इस क्षेत्र में दीर्घकालिक शांति और स्थिरता स्थापित करने के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स बैठकों में ईरान की नियमित और उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए राष्ट्रपति पेजेशकियन का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि ब्रिक्स जैसे वैश्विक मंच ग्लोबल साउथ के देशों के बीच लचीलापन, नवाचार, आपसी सहयोग और संधारणीय विकास को बढ़ावा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जवाब में, ईरानी राष्ट्रपति ने भी रणनीतिक समझौतों के प्रभावी कार्यान्वयन को जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।