वहां मौजूद पच्चीस लोगों की इस हादसे में मौत
बीजिंगः चीन के पूर्वोत्तर तट पर स्थित एक प्रमुख और व्यस्त नौवहन केंद्र किंताओ बंदरगाह पर खड़े एक विदेशी झंडे वाले विशाल मालवाहक जहाज में भीषण आग लगने से कम से कम 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी द्वारा दी गई विस्तृत जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना के समय जहाज पर कुल 42 लोग सवार थे, जिनमें से 12 लोगों को दमकल और बचाव कर्मियों द्वारा किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनकी चिकित्सीय स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, यह भयानक हादसा किंताओ बंदरगाह पर स्थित बेहाई शिपबिल्डिंग कंपनी के विशाल प्रांगण में हुआ, जहां यह मालवाहक जहाज अपनी नियमित मरम्मत और रखरखाव के काम के लिए रुका हुआ था। इसी दौरान, स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 11:15 बजे अचानक इस जहाज के भीतर से आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते इसने विकराल रूप धारण कर लिया। हालांकि, प्रशासनिक और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक आग लगने के वास्तविक और स्पष्ट कारणों का आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है, और न ही यह पूरी तरह साफ हो सका है कि इस भीषण आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा चुका है या नहीं।
प्रमुख अंतरराष्ट्रीय जहाज-ट्रैकिंग वेबसाइट वेसलफाइंडर से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्घटना का शिकार हुआ यह मालवाहक जहाज लाइबेरिया के आधिकारिक ध्वज के तहत संचालित होने वाला ‘ओशियन मेलोडी’ था। इस अत्यंत हृदयविदारक और भीषण हादसे के सामने आने के तुरंत बाद देश के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने व्यक्तिगत रूप से संज्ञान लेते हुए आपातकालीन स्तर पर युद्धस्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकारी एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति जिनपिंग ने इस बात पर विशेष बल दिया कि फंसे हुए या लापता लोगों की तलाश में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए, और इस बड़ी लापरवाही के लिए जो भी लोग या संबंधित पक्ष जिम्मेदार पाए जाएं, उन्हें कड़ी से कड़ी कानूनी जवाबदेह के दायरे में लाया जाए।
देश के प्रधानमंत्री ली कियान ने भी इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आपातकालीन प्रशासनिक विभागों को निर्देश दिया कि मलबे या जहाज के भीतर फंसे हुए अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सभी संसाधन झोंक दिए जाएं। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी घायलों को उच्च स्तर की चिकित्सा सुविधाएं तुरंत मिल सकें, और प्रशासनिक अधिकारी यह पुख्ता करें कि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से भविष्य में किसी भी संभावित माध्यमिक आपदा को प्रभावी ढंग से रोका जा सके। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपने कड़े संदेश में अंत में यह भी रेखांकित किया कि देश के सभी क्षेत्रों और प्रासंगिक विभागों को इस बड़ी दुर्घटना से एक बेहद गहरा और गंभीर सबक सीखना चाहिए, ताकि बंदरगाहों और शिपयार्ड परिसरों में मौजूद सभी प्रकार के अग्नि जोखिमों की गहनता से जांच करके उन्हें समय रहते पूरी तरह से समाप्त किया जा सके।