पचासवें वंशानुगत इमाम से मोदी ने भेंट की
कई विकास कार्यों पर दोनों के बीच चर्चा
उपराष्ट्रपति और जयशंकर से भी भेंट हुई
राष्ट्रपति और अमित शाह से भी मिलेंगे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शिया इस्माइली मुसलमानों के 50वें वंशानुगत इमाम और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के अध्यक्ष प्रिंस रहीम आगा खान पंचम से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ग्रामीण विकास तथा युवा एवं महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में व्यापक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने आधिकारिक संदेश में मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दिवंगत आगा खान चतुर्थ के विकास कार्यों में दिए गए अमूल्य योगदान को याद किया। 50वें इमाम के रूप में कार्यभार संभालने के बाद प्रिंस रहीम की भारत की यह पहली आधिकारिक यात्रा है। इससे पहले उन्होंने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, एक सप्ताह तक चलने वाली यह यात्रा भारत और आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के बीच सामाजिक विकास और विरासत संरक्षण जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है। इस दौरान सामुदायिक पहलों और व्यापक विकास कार्यक्रमों में संयुक्त प्रयासों को और अधिक विस्तार देने पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है।
अपनी इस यात्रा के तहत प्रिंस रहीम 15 सितंबर तक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और गृह मंत्री अमित शाह से भी औपचारिक मुलाकात करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के अलावा वह अहमदाबाद, मुंबई और हैदराबाद की यात्रा कर आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क द्वारा संचालित विभिन्न सामुदायिक एवं विकासात्मक परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे।
फरवरी 2025 में अपने पिता प्रिंस करीम अल-हुसैनी आगा खान चतुर्थ के निधन के बाद पारंपरिक उत्तराधिकार प्रथाओं के तहत प्रिंस रहीम ने यह पदभार संभाला था। 14 शताब्दियों से अधिक पुरानी इस विरासत के तहत, दुनिया भर के 35 से अधिक देशों में लगभग एक करोड़ बीस लाख से डेढ़ करोड़ इस्माइली आबादी एक जीवित वंशानुगत आध्यात्मिक गुरु के प्रति निष्ठा रखती है। अपनी आध्यात्मिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ, प्रिंस रहीम आगा खान डेवलपमेंट नेटवर्क के विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे हैं। यह कूटनीतिक यात्रा भारत सरकार और आगा खान फाउंडेशन के बीच दशकों से चली आ रही सहयोगात्मक साझेदारी को और अधिक सुदृढ़ करती है।