केंद्र ओडिशा के साथ भेदभाव कर रहाः मंत्री
चावल उठाव पर लगाया आरोप
विभागीय मंत्री पात्रा का आरोप
अफसरों की मौजूदगी में बयान
प्रसन्ना मोहंति
भुवनेश्वर: ओडिशा की भाजपा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्रा ने मोदी सरकार पर ओडिशा के साथ भेदभाव करने का बड़ा आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भुवनेश्वर में ओडिशा राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के 47वें स्थापना दिवस पर एफसीआई के महाप्रबंधक की मौजूदगी में ही मंत्री पात्रा ने कहा कि भारतीय खाद्य निगम की सुस्ती के कारण राज्य में धान खरीद ठप होने की कगार पर है।
मंत्री ने साफ कहा, एफसीआई कभी-कभी हमें बहुत कठिन स्थिति में डाल देता है। उसने हमें चावल उठाव का लक्ष्य दिया था लेकिन आज तक नहीं उठाया। मैं बार-बार दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री से मिला हूं। पात्रा ने कहा कि ओडिशा को धान उत्पादन बढ़ाने की चिंता नहीं है, चिंता है कि एफसीआई समय पर कस्टम मिल्ड चावल नहीं उठा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य 30,000 करोड़ रुपये खर्च कर किसानों को 48 घंटे में भुगतान कर रहा है, लेकिन अगर चावल नहीं उठा तो – हमारे हाथ बंध जाएंगे। धान खरीदना मुश्किल हो जाएगा। राजधानी में इस बयान के बाद चर्चा तेज है कि ओडिशा में सत्तारूढ़ भाजपा के ही मंत्री को अपनी ही केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ रहा है। मंत्री ने खुद कहा कि हमने लोकसभा में 20 सांसद भेजे हैं और हमें केंद्र के सामने अपनी मांग रखने का हक है। विपक्षी बीजेडी और कांग्रेस इसे डबल इंजन सरकार में दरार बता रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष के अंदरखाने में कहा जा रहा है कि मंत्री ने किसानों के हित में मजबूरी में सच बोला है। मंत्री ने एलान किया है कि वह जल्द ही फिर से एक उच्च स्तरीय टीम के साथ दिल्ली जाकर केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी से मिलेंगे।