सीआईए प्रमुख के दौरे के बाद आशावादी बयान भी आया
व्लादिवोस्तोकः रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए किसी समझौते तक पहुंचने की संभावना अभी भी बनी हुई है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बताया कि शांति समझौते की मध्यस्थता करने में जुटे अमेरिकी वार्ताकार जल्द ही मॉस्को और कीव दोनों का दौरा करेंगे।
रूस के सुदूर पूर्व स्थित व्लादिवोस्तोक में आयोजित एक आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि अमेरिका और चीन सहित कई देश शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, लेकिन अंततः इस समस्या का समाधान संघर्ष में शामिल देशों—रूस और यूक्रेन—को ही निकालना होगा। हम उन सभी के आभारी हैं जो समाधान में योगदान देने का प्रयास कर रहे हैं। क्या कोई संभावना है? मेरी नज़र में, हाँ, संभावना है।
दूसरी ओर, कीव में जेलेंस्की ने अपने रात के वीडियो संबोधन में कहा कि अमेरिकी वार्ताकारों की यात्रा की प्रारंभिक तारीखें तय कर ली गई हैं। उन्होंने कहा, हम अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रतिनिधियों का यहाँ कीव में स्वागत करने की उम्मीद करते हैं। मॉस्को और कीव दोनों जगह उनके साथ बैठक होगी। अमेरिका का सक्रिय रहना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि वे इस युद्ध और दोनों पक्षों द्वारा सहे जा रहे नुकसान का अंत देखना चाहते हैं। अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर, जो इस समझौते के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं, अंतिम बार जनवरी में मॉस्को गए थे और अब वे कीव का दौरा करने वाले हैं।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे विनाशकारी संघर्ष को 4.5 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। फरवरी में अमेरिका की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बाद से यह प्रक्रिया ठप थी। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के क्षेत्रों में दूरगामी हवाई हमले तेज कर दिए हैं। समुद्र में बंदरगाहों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के कारण वैश्विक अनाज की कीमतों में उछाल आया है। पुतिन के बयान के बाद शिकागो गेहूं का वायदा बाजार 2 फीसद से अधिक गिर गया।
जहाँ यूक्रेनी विदेश मंत्री अंद्री सिबिहा ने राजनीतिक गतिविधियों के कारण नई गतिशीलता आने की बात कही, वहीं पुतिन ने हालिया यूक्रेनी कार्रवाइयों को शांति वार्ता में बाधा बताया। पुतिन ने मर्चेंट जहाजों पर हमलों और नागरिक विमानों को दी गई चेतावनियों को राज्य-प्रायोजित आतंकवाद करार दिया। इसके जवाब में जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि ड्रोनों के कारण रूसी हवाई क्षेत्र जोखिम भरा हुआ है, लेकिन यूक्रेन का लक्ष्य केवल सैन्य ठिकाने हैं, नागरिक विमान नहीं।