Breaking News in Hindi

बाबर के देश से पुरस्कार लेने पर शर्म नहीः ओबैसी

मोदी को मिले सर्वोच्च सम्मान पर एआईएमआईएम नेता की टिप्पणी

उज्बेकिस्तान में मिला है यह सम्मान

बाबर को लेकर सिर्फ यहां बयान देते हैं

हर बार कोई न कोई सम्मान ले आते हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान में मिले सर्वोच्च राजकीय सम्मान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा राजनीतिक तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि जिस देश से मुगल सम्राट बाबर भारत आया था, उसी देश की सरकार ने आज भारत के प्रधानमंत्री को अपने सबसे बड़े नागरिक सम्मान से नवाजा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब भाजपा और संघ परिवार विपक्ष पर निशाना साधने के लिए बाबर के नाम का इस्तेमाल कैसे करेंगे।

उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ ओलिय दराजली दोस्तलिक से सम्मानित किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने कहा, मैं भाजपा को बधाई देता हूं; जिस देश से बाबर भारत आया था, उसी देश ने प्रधानमंत्री को पुरस्कार से सम्मानित किया है। ओवैसी ने याद दिलाया कि बाबर आधुनिक उज्बेकिस्तान की फरगाना घाटी से ताल्लुक रखता था। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में चुटकी लेते हुए आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जब भी किसी विदेश दौरे पर जाते हैं, तो वहां से कोई न कोई सम्मान लेकर ही लौटते हैं।

राजनैतिक विमर्श में बाबर के संदर्भ पर भाजपा और संघ परिवार को घेरते हुए ओवैसी ने कहा कि संघ को इस पर आत्मचिंतन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, आप लोग बाबर का नाम लेकर हमें गालियां और ताने दिया करते थे, लेकिन अब उसी की जन्मभूमि के लोगों ने आपको अपने सर्वोच्च पुरस्कार से नवाजा है। हम उम्मीद करते हैं कि संघ परिवार और आरएसएस के समर्थक अब आगे से इस तरह बाबर का नाम नहीं लेंगे, क्योंकि फरगाना घाटी उज्बेकिस्तान में ही है। अब वे इस पर क्या कहेंगे?

गौरतलब है कि मध्य एशियाई देश उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी तथा द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान के लिए रविवार को ओलिय दराजली दोस्तलिक ऑर्डर से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए इसे 1.4 अरब भारतवासियों और दोनों देशों की सदियों पुरानी दोस्ती व साझा विरासत को समर्पित किया। उज्बेकिस्तान का यह सम्मान पीएम मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले 35 से अधिक सर्वोच्च विदेशी राजकीय सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।