उत्तर प्रदेश के कौशांबी में बहुत बड़े हादसे की सूचना
घायलों को अस्पताल भेजा गया है
धमाके से पूरा इलाका ही दहल गया
मुआबजा और राहत राशि का एलान
राष्ट्रीय खबर
लखनऊः उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सोमवार को एक पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पिपरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनेरी पावर हाउस के पास स्थित फैक्टरी में दोपहर लगभग 11:30 से 12:00 बजे के बीच हुआ। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास का इलाका दहल उठा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और पास में ही तैनात भारतीय वायु सेना के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर त्वरित संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
कौशांबी के जिलाधिकारी अमित पाल ने बताया कि दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मलबे को हटाने के लिए जेसीबी मशीनों और स्निफर डॉग्स की मदद ली जा रही है। विस्फोट के प्रचंड प्रभाव के कारण फैक्टरी से सटे कम से कम चार मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए। दुर्घटनास्थल से गंभीर हालत में निकाले गए सात घायलों को बेहतर और उन्नत इलाज के लिए प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में रेफर किया गया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, कौशांबी जिले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जनहानि अत्यंत दुखद और हृदय विदारक है। घायलों के समुचित उपचार और पीड़ितों के परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख जताते हुए सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि अति संवेदनशील वायु सेना सेंट्रल कमांड मुख्यालय के निकट स्थित इस पटाखा फैक्टरी में हुए धमाके के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा किसी तकनीकी लापरवाही का परिणाम था या सुरक्षा मानकों की अनदेखी का।