कुरुक्षेत्र/अंबाला (हरियाणा): कुरुक्षेत्र के रामगढ़ रोड स्थित गांव निवासी और वर्तमान में अंबाला जिले के नग्गल थाने के प्रभारी (SHO) सब इंस्पेक्टर कर्मवीर सिंह (50 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से असामयिक मौत हो गई।
गोली इतने निकट से चली थी कि वह उनके सीने को चीरती हुई सीधे आर-पार निकल गई। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत नागरिक अस्पताल अंबाला सिटी के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों द्वारा कराए गए एक्स-रे में शरीर के भीतर कोई गोली नहीं मिली। पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मामले के सभी तकनीकी और कानूनी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
🔫 सर्विस रिवॉल्वर की सफाई के दौरान हादसा होने की आशंका
प्रारंभिक जांच और पुलिस अधीक्षक का वक्तव्य:
-
सफाई की बातचीत: अंबाला के पुलिस अधीक्षक (SP) अजीत सिंह शेखावत ने बताया कि शनिवार सुबह SHO कर्मवीर सिंह ने थाने के मुंशी से अपनी सरकारी सर्विस रिवॉल्वर की सफाई कराने के संबंध में बातचीत की थी।
-
अचानक ट्रिगर दबने का अंदेशा: इसके कुछ ही देर बाद अचानक गोली चलने की आवाज आई। प्राथमिक दृष्टया पुलिस इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना मान रही है, जिसमें हथियार साफ करते समय मिसफायर होने या ट्रिगर दब जाने की आशंका है।
-
हर एंगल से पड़ताल: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह खुली है और किसी भी अन्य संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है।
🔬 सीन ऑफ क्राइम टीम ने जुटाए साक्ष्य: डॉक्टरों के बोर्ड से होगा पोस्टमॉर्टम
फॉरेंसिक साक्ष्य और मेडिकल प्रक्रिया:
-
घटनास्थल की घेराबंदी: घटना के तत्काल बाद घटनास्थल को सील कर ‘सीन ऑफ क्राइम’ (फॉरेंसिक) टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने बारीकी से फिंगरप्रिंट्स और बैलिस्टिक सैंपल एकत्र किए।
-
कोई संदिग्ध वस्तु नहीं: शुरुआती जांच में कमरे से कोई संदिग्ध सामग्री या बाहरी हस्तक्षेप के प्रमाण नहीं मिले हैं।
-
बोर्ड द्वारा पोस्टमॉर्टम: रविवार को वरिष्ठ डॉक्टरों के विशेष मेडिकल बोर्ड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिससे गोली चलने की वास्तविक दूरी और दिशा का खुलासा होगा।
🎖️ 28 वर्षों की निष्कलंक पुलिस सेवा: गणतंत्र दिवस पर मिला था उत्कृष्ट सेवा सम्मान
करियर और उपलब्धियों की रूपरेखा:
-
भर्ती और पदोन्नति: कर्मवीर सिंह 25 नवंबर 1998 को हरियाणा पुलिस में बतौर सिपाही (कांस्टेबल) भर्ती हुए थे। अपने 28 वर्षों के अनुशासित सेवाकाल में वे पदोन्नत होकर सब इंस्पेक्टर बने।
-
अंबाला में तैनाती: उनके सेवाकाल का अधिकांश समय अंबाला जिले में ही बीता और वे पिछले दो वर्षों से नग्गल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
-
26 जनवरी को सम्मान: पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें इसी वर्ष 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पर सांसद रेखा शर्मा द्वारा आधिकारिक रूप से सम्मानित किया गया था।
💔 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: मायके आई बेटी के सामने उजड़ा संसार
पारिवारिक पृष्ठभूमि:
-
भरा-पूरा परिवार: कर्मवीर सिंह अपने तीन भाइयों और दो बहनों के संयुक्त परिवार का अहम हिस्सा थे। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र सागर और पुत्री रवीना हैं।
-
विदेश से आई थी बेटी: उनकी बेटी की शादी करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुई थी और वह अपने पति के साथ कनाडा में रहती है। वह कुछ ही दिन पहले अपने पिता से मिलने मायके आई हुई थी, जहां इस हृदयविदारक हादसे के बाद पूरे परिवार और पुलिस विभाग में गहरा शोक व्याप्त है।