विस्फोटक लदा ड्रोन मिलने को उकसावा बताया
बर्लिनः लीपजिप हाले हवाई अड्डे पर विस्फोटक से लदे एक ड्रोन के मिलने के बाद, बर्लिन स्थित रूसी दूतावास ने इस पूरी घटना को मास्को के खिलाफ एक सुनियोजित उकसावा करार दिया है। रूस के राजनयिक मिशन ने टेलीग्राम पर जारी एक बयान में कहा, यह स्पष्ट है कि जल्दबाजी में गढ़ी गई यह उकसावे की कार्रवाई विशेष रूप से कीव और यूरोपीय राजनीतिक वर्ग के सैन्यवादियों के उद्देश्यों को पूरा करती है। इसके साथ ही उन्होंने जर्मनी में रूस विरोधी हिस्टेरिया की एक नई लहर पैदा होने की चेतावनी भी दी है।
रूसी दूतावास का मानना है कि इस हाइब्रिड हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ है, जिसके पास हथियारों की कमी है। बयान में तर्क दिया गया कि यूक्रेन और यूरोपीय सरकारों को ऐसे बहानों की आवश्यकता है ताकि वे एक भ्रष्ट शासन के हाथों में असीमित वित्तीय संसाधनों के प्रवाह को लगातार जारी रख सकें।
बीती मंगलवार देर शाम लीपजिप/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी परिवहन विमान के पास विस्फोटक और डेटोनेटर से लैस एक ड्रोन पाया गया, जिसे एक कर्मचारी द्वारा नीचे गिरा दिया गया। इसके तुरंत बाद, हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद उड़ान भरने वाला एक विमान किसी अज्ञात छोटे उड़ने वाली वस्तु (संभवतः दूसरा ड्रोन) से टकरा गया।
रूसी दूतावास ने आरोप लगाया कि मीडिया में मास्को विरोधी भावनाओं को भड़काने के लिए इस मामले को एक हाइब्रिड हमले के रूप में पेश किया जा रहा है। रूसी बयान में जोर देकर कहा गया कि पिछले मामलों की तरह इस बार भी कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। इसके बावजूद, कुछ राजनेता ऐसे कृत्यों को जर्मनी और नाटो के खिलाफ युद्ध भड़काने वाला और बर्लिन की ओर से जवाबी उपायों की आवश्यकता बताने लगे हैं।
दूतावास ने अपने बयान में आगे कहा, हम यह भी जोड़ना चाहेंगे कि आज जर्मनी के लिए सबसे बड़ा खतरा मास्को के तथाकथित हाइब्रिड हमलों में नहीं है—जो कि अस्तित्व में ही नहीं हैं—बल्कि उन राजनेताओं से है जो उत्साहपूर्वक रूस के खिलाफ आसन्न युद्ध के दृश्य तैयार कर रहे हैं और जर्मन नागरिकों को इसमें भाग लेने का सुझाव दे रहे हैं।