अन्नामलाई के चले जाने के बाद से सुस्त पड़ी है भाजपा
चार नाम अभी आगे चल रहे हैं
नागेंद्रन को बदलने की चर्चा तेज
कई को दिल्ली बुलाया भी गया था
राष्ट्रीय खबर
चेन्नई: विधानसभा चुनावों में 27 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद केवल एक ही सीट पर जीत हासिल कर पाने और करारी हार का सामना करने के बाद, भारतीय जनता पार्टी अपने तमिलनाडु राज्य संगठन में एक बड़े फेरबदल की तैयारी कर रही है। आंतरिक सूत्रों के अनुसार, खराब प्रदर्शन के बाद पार्टी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन को उनके पद से हटाया जाना तय माना जा रहा है, और उनकी जगह लेने के लिए राज्य सचिव ए. अश्वत्थमन इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
मामले से जुड़े करीबी सूत्रों ने बताया, यह फैसला जुलाई महीने में ही घोषित किया जाना था। हालांकि, राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे घटनाक्रमों, जिनमें सीजेपी के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन और संसद सत्र शामिल हैं, के कारण इस प्रक्रिया में देरी हुई। अब यह माना जा रहा है कि यह संगठनात्मक फेरबदल अगस्त या सितंबर के दौरान अन्य राज्यों में होने वाली नियुक्तियों के साथ ही किया जाएगा। अश्वत्थमन के पार्टी की कमान संभालने की अटकलें तब और तेज हो गईं जब उन्हें हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ विचार-विमर्श के लिए नई दिल्ली तलब किया गया था। संगठन के भीतर कई लोगों ने इसे केंद्रीय उच्च कमान के उन पर भरोसे के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा।
हालांकि, राज्य अध्यक्ष की इस दौड़ में केवल अश्वत्थमन ही नहीं, बल्कि कई अन्य दिग्गज नेताओं के नाम भी मजबूती से शामिल हैं। पार्टी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानति श्रीनिवासन, केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन और पार्टी की राष्ट्रीय जनरल काउंसिल के सदस्य व अभिनेता-राजनेता आर. सरथकुमार के नाम आंतरिक बैठकों और चर्चाओं में प्रमुखता से चल रहे हैं, और इनमें से प्रत्येक नेता को पार्टी के प्रभावशाली लोगों का समर्थन प्राप्त है।
इस अंदरूनी राजनीतिक समीकरण पर प्रकाश डालते हुए एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने बताया, नैनार नागेंद्रन खुद आर. सरथकुमार का समर्थन कर रहे हैं। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति और पूर्व बीजेपी नेता सी.पी. राधाकृष्णन, पार्टी के वरिष्ठ नेता पोन राधाकृष्णन और एच. राजा वानति श्रीनिवासन के पक्ष में हैं, जबकि तमिलिसाई सुंदरराजन एल. मुरुगन का समर्थन कर रही हैं। हालांकि, इन सबके बीच ए. अश्वत्थमन केंद्रीय नेतृत्व के एक बड़े वर्ग के लिए सर्वसम्मति वाले सबसे मजबूत विकल्प के रूप में उभरे हैं।
जब इस संबंध में संपर्क किया गया, तो बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता नारायण थिरुपथी ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए राज्य नेतृत्व में बदलाव की अटकलों को पूरी तरह से निराधार बताया। उन्होंने कहा, इन रिपोर्टों में कोई सच्चाई नहीं है। फिलहाल कोई भी संगठनात्मक बदलाव विचाराधीन नहीं है और निकट भविष्य में राज्य नेतृत्व को बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है।