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सीआरपीएफ कैंप में गोली चलने से तीन की मौत

असम में ट्रेन की चपेट में आने से बच्ची समेत 2 की मौत

असम में बाढ़ मुआवजा पर नया एलान

गोली चलाने वाले ने भी अपनी जान  दी

ट्रेन से बचाने की कोशिश हुई नाकामयाब

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: असम के बाजाली ज़िले के बटुआ गाँव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 14 साल की लड़की को सामने से आ रही ट्रेन से बचाने की कोशिश में 45 वर्षीय अलाल अली की जान चली गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, लड़की रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थी तभी तेज रफ्तार सिफंग एक्सप्रेस आ गई। उसे बचाने के लिए अलाल अली दौड़े, लेकिन सुरक्षित स्थान पर पहुँचने से पहले ही ट्रेन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से पूरे इलाके में गहरा सदमा और शोक का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी।

इस दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों में रेलवे सुरक्षा को लेकर काफी नाराजगी और चिंता देखने को मिली है। निवासियों का कहना है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं है, बल्कि इससे कुछ दिन पहले ही बाजाली ज़िले के पाठशाला में इसी ट्रैक के पास एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों में इस रेलवे ट्रैक पर कई लोगों की जान जा चुकी है, क्योंकि पैदल यात्री अक्सर ट्रैक पार करने के लिए अनौपचारिक शॉर्टकट का इस्तेमाल करते हैं। लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रैक के दोनों तरफ लोहे की मजबूत बाड़ लगाई जाए ताकि लोग अनाधिकृत रूप से पटरी पार करने के बजाय केवल तय क्रॉसिंग पॉइंट का ही इस्तेमाल करें, जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

दूसरी ओर, असम के नागांव जिले में सीआरपीएफ कैंप के अंदर आपसी गोलीबारी की एक बेहद दुखद घटना घटी है। कटिमारी 34 बटालियन के कैंप में हुई इस आंतरिक झड़प में तीन जवानों की मौत हो गई है, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ है। जानकारी के मुताबिक, एक सीआरपीएफ जवान ने अपने साथियों पर गोली चलाने के बाद खुदकुशी कर ली। मारे गए जवानों की पहचान रामनवल सिंह यादव और विष्णु प्रसाद बघेल के रूप में हुई है, जबकि घायल जवान माने गोविंद श्रीपुल का इलाज जारी है।

इसके अलावा, असम सरकार ने हाल ही में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित ऊपरी असम के चार जिलों—शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट—में मवेशी खोने वाले परिवारों के लिए आर्थिक सहायता और राहत पैकेज का ऐलान किया है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत गाय, बकरी, सूअर और पोल्ट्री पालकों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक बड़े दुधारू जानवर (गाय) के लिए अधिकतम तीन मवेशियों तक 37,500 रुपये प्रति जानवर दिए जाएंगे। छोटे जानवरों (बकरी और सूअर) के लिए 4,000 रुपये प्रति जानवर (अधिकतम 30 जानवरों तक) और मुर्गी-पालन के नुकसान पर 100 रुपये प्रति पक्षी (अधिकतम 100 पक्षियों तक) का मुआवजा तय किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ऊपरी असम में सामान्य से लगभग 400 प्रतिशत अधिक बारिश और अचानक आई बाढ़ पर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।