रांची (झारखंड): राज्य में वर्तमान में चल रहे मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान झारखंड के 14,02,262 मतदाता अनमैप्ड रह गए हैं।
सही मैपिंग न हो पाने के कारण इन सभी मतदाताओं के नाम आगामी वोटर लिस्ट से बाहर होने की संभावना बन गई है। भारत निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत में 23 मई 2026 को कुल 70,62,319 अनमैप्ड मतदाता दर्ज किए गए थे। 30 जून से 29 जुलाई तक चले इन्यूमरेशन फेज के दौरान लगातार चले सत्यापन के बाद यह संख्या घटकर अब मात्र 5.3 प्रतिशत यानी 14,02,262 रह गई है।
🗓️ 5 अगस्त को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट रोल, अनमैप्ड वोटरों के नाम नहीं होंगे शामिल
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, जो मतदाता वर्तमान में अनमैप्ड श्रेणी में दर्ज हैं, उनके नाम 5 अगस्त को जारी होने वाले ड्राफ्ट रोल (Draft Roll) में शामिल नहीं होंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने जानकारी दी कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पिछले एसआईआर की मतदाता सूची को एक ‘सुपीरियर डॉक्यूमेंट’ के रूप में मान्यता दी गई है। ड्राफ्ट पब्लिकेशन में जिन मतदाताओं की पिछले एसआईआर की मतदाता सूची से मैपिंग पूरी तरह सही पाई गई है और किसी प्रकार की तार्किक विसंगति नहीं मिली है, उन सभी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
📋 अनमैप्ड मतदाता ईआरओ स्तर से सत्यापन कराकर जुड़वा सकते हैं नाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड मतदाताओं के संबंध में इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) स्तर से भौतिक सत्यापन पूरा होने के उपरांत ही उन्हें पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जा सकेगा।
आगामी 5 अगस्त को मतदाता सूची का ड्राफ्ट पब्लिकेशन किया जाना है। इस ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में जिन भी नागरिकों का नाम दर्ज नहीं होगा, उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है; वे फिर से अपना नाम सूची में जुड़वाने के लिए नए सिरे से प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
✍️ छूट गए वोटर कैसे जुड़वाएं अपना नाम? भरें फॉर्म-6 और स्व-घोषणा पत्र
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के अनुसार, राज्य के वे सभी पात्र भारतीय नागरिक जो मतदाता सूची के ड्राफ्ट पब्लिकेशन में शामिल नहीं हो पाए हैं, या नए युवा मतदाता जो किसी कारणवश 2026 की वर्तमान मतदाता सूची में स्थान नहीं बना सके हैं, वे सभी फॉर्म-6 (Form 6) तथा आवश्यक घोषणा पत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा सकते हैं।
उन्होंने पुनः दोहराया कि पिछला एसआईआर मैपिंग एक प्रामाणिक दस्तावेज़ है, अतः सभी पात्र नागरिक 5 अगस्त के बाद फॉर्म-6 जमा करते समय इसका साक्ष्य के रूप में प्रयोग कर सकते हैं।