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Balodabazar Gharial in Khorsi Nala: बलौदाबाजार के खोरसी नाला में दिखा घड़ियाल! ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट

बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम पहंदा में ग्रामीणों ने खोरसी नाला में एक घड़ियाल दिखाई देने का दावा किया है। ग्रामीणों ने दूर से ही उसकी तस्वीरें खींचीं, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं। तस्वीरें सामने आने के बाद ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी।

सूचना मिलते ही बलौदाबाजार वन परिक्षेत्र की रेंजर एकता कर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम तुरंत गांव पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और खोरसी नाला के आसपास के इलाकों का बारीकी से निरीक्षण किया। हालांकि पानी के तेज बहाव के कारण घड़ियाल दोबारा दिखाई नहीं दिया, लेकिन विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी है।

📢 नाले से दूर रहने और बच्चों-मवेशियों की सुरक्षा की अपील, गांव में कराई जा रही मुनादी

वन विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल खोरसी नाला के आसपास न जाने की सख्त अपील की है। खासकर छोटे बच्चों और मवेशियों को नाले के किनारे न ले जाने की सलाह दी गई है। रेंजर एकता कर ने गांव के सरपंच को मुनादी कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि सभी ग्रामीणों तक यह सूचना पहुंच सके कि जब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक कोई भी व्यक्ति नाले में नहाने या पानी लेने के लिए न जाए।

वायरल तस्वीरों में नाले के पानी के भीतर घड़ियाल जैसा जीव तैरता हुआ दिखाई देने का दावा किया गया है। इसी आधार पर वन विभाग ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों ने आसपास के तटीय क्षेत्रों का भी मुआयना किया ताकि यह पता लगाया जा सके कि घड़ियाल अभी भी उसी क्षेत्र में मौजूद है या आगे निकल गया है।

🌊 बाढ़ के तेज बहाव में दूसरे जल स्रोत से बहकर आने की आशंका

रेंजर एकता कर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह संभावना जताई जा रही है कि घड़ियाल नदी या किसी अन्य बड़े जल स्रोत से पानी के तेज बहाव के साथ बहकर यहां तक पहुंच गया होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नाले में पानी का बहाव काफी तेज है, जिससे सर्च और रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आ रही हैं। वन विभाग का मानना है कि यह भी संभव है कि घड़ियाल बहाव के साथ आगे निकल गया हो। इसके बावजूद किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है।

🛑 आसपास के तटीय गांवों में भी बढ़ाई गई चौकसी, वन विभाग की टीम कर रही निगरानी

वन विभाग ने सिर्फ पहंदा ही नहीं, बल्कि खोरसी नाला के किनारे बसे अन्य आसपास के गांवों में भी मुनादी कराने के निर्देश जारी किए हैं। ग्रामीणों से स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि किसी को दोबारा घड़ियाल दिखाई देता है तो वह उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश बिल्कुल न करे और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दे।

रेंजर एकता कर का वक्तव्य: “हमारी टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। फिलहाल पानी का बहाव काफी तेज है, इसलिए घड़ियाल दोबारा दिखाई नहीं दे रहा है। हमने ग्रामीणों को नाले में नहाने और उसके किनारे जाने से मना किया है। सरपंच के माध्यम से मुनादी भी कराई जा रही है। संभावना है कि घड़ियाल बहाव के साथ कहीं और चला गया हो, लेकिन हमारी टीम लगातार इलाके की निगरानी कर रही है।”

घटना के बाद से गांव में डर का माहौल है। कई ग्रामीणों ने बच्चों को अकेले नाले की ओर भेजना पूरी तरह बंद कर दिया है, वहीं मवेशियों को भी फिलहाल दूसरी सुरक्षित जगह पर पानी पिलाया जा रहा है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। विभाग की टीम लगातार इलाके पर नजर बनाए हुए है और कोई भी नई जानकारी मिलते ही ग्रामीणों को तत्काल सूचित किया जाएगा।