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सोनम वांगचुक का आंदोलन अब विदेश तक जा पहुंचा

अमेरिका के न्यूयार्क और सैन  जोस में भी प्रदर्शन

न्यूयार्कः भारत में नीट परीक्षाओं के संचालन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के समर्थन में अमेरिका स्थित वकालत समूह हिंदुज फॉर ह्यूमन राइट्स  ने न्यूयॉर्क और सैन जोस में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए। सोमवार की शाम हिंदुज फॉर ह्यूमन राइट्स के कार्यकर्ता न्यूयॉर्क शहर के यूनियन स्क्वायर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने और सैन जोस में एकत्र हुए।

हाथों में तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने वांगचुक के समर्थन में नारे लगाए और भारत सरकार से शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। संस्था द्वारा मंगलवार (21 जुलाई 2026) को वाशिंगटन से जारी एक बयान के अनुसार, लंदन में भारतीय उच्चायोग और डब्लिन में भारतीय दूतावास के बाहर भी इसी प्रकार के एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। समूह ने कहा, हमारे विरोध प्रदर्शनों ने न्यूयॉर्क, लंदन, सैन जोस या डब्लिन—सभी जगहों से एक स्पष्ट संदेश दिया है: भारत के छात्र निष्पक्षता और सम्मानजनक व्यवहार के हकदार हैं। भारत के युवाओं को ईमानदार जवाब और ऐसा भविष्य चाहिए जिस पर वे भरोसा कर सकें। भारतीय नागरिक खुले संवाद और सुधार के हकदार हैं, और अब समय आ गया है कि भारत सरकार अपनी जवाबदेही तय करे।

यह अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन ऐसे समय में आए हैं जब नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल पहुँचाया था, जिसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। नई दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी और अन्य छात्र संगठनों के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने से भारत सरकार पर प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता के लिए दबाव और गहरा गया है।