ट्रंप की बयानबाजी के बीच वार्ता का दौर भी जारी
एजेंसियां
रियाधः मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल हमलों और दूसरी ओर ईरान व अमेरिका के बीच सीधे सैन्य टकराव ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस नए संघर्ष की आशंका के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नौ प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल दर्ज किया गया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार को यमन की राजधानी सना पर हुए पिछले हमलों का बदला लेने के लिए हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के आभा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के कारण हवाई अड्डे पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह बाधित हो गया। हालांकि, यमन में सक्रिय सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने समय रहते कार्रवाई की। गठबंधन ने पुष्टि की है कि उनकी वायु सेना की एयर डिफेंस प्रणालियों ने सभी बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। गनीमत यह रही कि इस स्पष्ट मिसाइल हमले से किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है।
इस बीच, ईरान के मोर्चे पर स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा तेहरान के साथ समझौते की संभावना जताए जाने के बावजूद, अमेरिका ने मंगलवार तड़के ईरान के खिलाफ नए हवाई हमलों की झड़ी लगा दी। राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक रेडियो इंटरव्यू में सख्त लहजा अपनाते हुए कहा, हम आज रात उन पर बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं, और कल भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ग्रीनविच मीन टाइम के अनुसार रात 20:45 बजे शुरू हुए ये हमले लगातार तीसरी रात जारी रहे, जिनका उद्देश्य होर्मुज जलडमरू मध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा करना है।
तनाव तब और बढ़ गया जब संयुक्त अरब अमीरात ने घोषणा की कि उसके दो राष्ट्रीय तेल टैंकरों, मोम्बासा और अल बहिया, पर ओमान के क्षेत्रीय जल में ईरान द्वारा दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। यह हमला ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और ओमान पर नए हमलों की चेतावनी के ठीक बाद हुआ है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था हाई-अलर्ट पर है।