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रूसी जासूस जापान को बना रहे हैं अपना ठिकाना

द न्यूयार्क टाइम्स की खोजी रिपोर्ट से अमेरिका में सनसनी

एजेंसियां

न्यूयार्कः दिग्गज अमेरिकी समाचार पत्र द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक हालिया और चौंकाने वाली खोजी रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में जापान पहुंचे रूसी जासूस अब मॉस्को के लिए युद्धक्षेत्र की अत्याधुनिक तकनीक की अवैध तस्करी करने में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह पूरा नेटवर्क कथित तौर पर टोक्यो में जापानी सुरक्षा और खुफिया अधिकारियों की नाक के ठीक नीचे बेहद सक्रियता से काम कर रहा है।

अखबार ने अपनी इस विस्तृत इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में खुलासा किया है कि साल 2022 में यूक्रेन पर रूस के सैन्य आक्रमण के बाद, अमेरिका और यूरोपीय संघ सहित कई पश्चिमी देशों ने कड़ा रुख अपनाते हुए रूसी एजेंटों और संदिग्ध राजनयिकों को बड़े पैमाने पर अपने देशों से निष्कासित कर दिया था। पश्चिमी देशों में घेराबंदी बढ़ने के बाद, रूसी खुफिया एजेंसियों ने अपना ध्यान एशिया की तरफ केंद्रित किया।

अब, जापान में रूस की एक बेहद गोपनीय और शातिर खुफिया इकाई सक्रिय है, जिसके एजेंट आधिकारिक तौर पर बड़े राजनयिकों, वाणिज्यिक दूतावास के अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय व्यवसायियों के छद्म रूप में काम कर रहे हैं। द टाइम्स ने अपनी इस रिपोर्ट में न केवल इस पूरे सिंडिकेट के तौर-तरीकों को उजागर किया है, बल्कि टोक्यो में बैठकर इस पूरे खुफिया ऑपरेशन का नेतृत्व करने वाले मुख्य रूसी मास्टरमाइंड का भी पूरी तरह पर्दाफाश कर दिया है।

इस वैश्विक सुरक्षा चूक के पीछे जापान का लचर कानूनी ढांचा सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है। रिपोर्ट के अनुसार, जापान अपने बेहद ढीले और कमजोर जासूसी विरोधी कानूनों के कारण पिछले कई दशकों से अंतरराष्ट्रीय जासूसों के लिए एक सुरक्षित पनाहगाह या स्पाई पैराडाइज बना हुआ है। देश में आधुनिक और कड़े जासूसी विरोधी कानून न होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां इन संदिग्ध विदेशी एजेंटों पर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई करने में अक्षम साबित होती हैं।

इस बीच, यूक्रेन ने इस गंभीर मुद्दे को कई बार आधिकारिक मंचों पर जापानी अधिकारियों के समक्ष उठाया है। यूक्रेन का स्पष्ट आरोप है कि जापान में सक्रिय ये रूसी जासूस वहां की अत्यधिक संवेदनशील और उन्नत जापानी तकनीक (जैसे माइक्रोचिप्स, सेमीकंडक्टर्स और अन्य दोहरे उपयोग वाले उपकरण) को अवैध रूप से मॉस्को भेजने में मदद कर रहे हैं।

इस तकनीक का सीधा इस्तेमाल रूसी सेना यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध में मिसाइलों, ड्रोनों और अन्य सैन्य उपकरणों को आधुनिक बनाने के लिए कर रही है। हालांकि, यूक्रेन की बार-बार की अपीलों और पुख्ता सबूतों के बावजूद, खबरों के मुताबिक टोक्यो ने इस नेटवर्क पर कार्रवाई करने में अब तक काफी सुस्त और ढीला रवैया अपनाया है, जो वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।