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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जाएंगे कतर

पूर्व अमीर के अंतिम समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व

  • देश में एक दिन का राष्ट्रीय शोक

  • कतर के साथ भारत के पुराने संबंध

  • आठ लाख भारतीय वहां नौकरी करते हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के आकस्मिक निधन के बाद भारत सरकार ने कतर के शाही परिवार, वहां की सरकार और वहां की जनता के साथ अपनी गहरी व आत्मीय संवेदनाएं व्यक्त की हैं। इस दुखद घड़ी में दोनों देशों के बीच के प्रगाढ़ संबंधों को प्रदर्शित करने के लिए भारत के आधिकारिक प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर की राजधानी दोहा का दौरा करने वाले हैं। अपनी इस राजकीय यात्रा के दौरान वे भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की ओर से कतर के वर्तमान नेतृत्व को विशेष शोक संदेश और आधिकारिक संवेदना पत्र सौंपेंगे।

भारत सरकार ने कतर के साथ अपने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और मजबूत कूटनीतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए आज देश भर में एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक की भी घोषणा की है। इस सम्मान के तहत आज देश की सभी प्रमुख सरकारी इमारतों, संसद भवन और विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।

राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के दृष्टिकोण से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का यह दोहा दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कतर भारत के लिए स्वच्छ ऊर्जा, विशेषकर तरलीकृत प्राकृतिक गैस आपूर्ति का एक सबसे बड़ा और विश्वसनीय स्रोत है। भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में कतर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कतर में वर्तमान में 8 लाख से अधिक भारतीय प्रवासी निवास करते हैं। यह प्रवासी समुदाय न केवल कतर के विकास में योगदान दे रहा है, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत रीढ़ भी है। उनकी सुरक्षा और हित भारत की विदेश नीति के केंद्र में हैं।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषकों का कहना है कि इस दुखद घड़ी में भारत द्वारा त्वरित और उच्च स्तरीय कूटनीतिक प्रतिक्रिया देना यह साफ दर्शाता है कि पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में भारत कतर को कितनी उच्च प्राथमिकता देता है। अतीत में भी दोनों देशों ने कई कठिन अवसरों पर एक-दूसरे का साथ निभाया है। माना जा रहा है कि इस संवेदनशील समय पर की जा रही यह यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और द्विपक्षीय सहयोग को भविष्य में और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।