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भाजपा-मुक्त राम के नाम पर राम रक्षा आंदोलन

अयोध्या की चंदा चोरी मामले के बीच ही उद्धव ठाकरे का अभियान

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: शिव सेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या राम मंदिर में दान के कथित गबन को लेकर रविवार को अपना राम रक्षा आंदोलन शुरू किया। उन्होंने भाजपा पर हिंदुत्व का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हिंदुओं को लूटने वाले लोग सत्ता में बैठे हैं। मध्य मुंबई के दादर में हनुमान मंदिर के बाहर एक सभा को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग करने से पहले हनुमान स्तोत्र, हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ किया। उन्होंने कहा, अगर कोई हिंदुत्व का दुरुपयोग करके मंदिर को लूटता है, तो हिंदू उन्हें माफ नहीं करेंगे। ठाकरे ने भाजपा-मुक्त राम का नारा भी दिया और कहा कि भगवान राम सभी के हैं और उन पर किसी एक राजनीतिक दल का एकाधिकार नहीं हो सकता।

भाजपा ने इस पर तीखा पलटवार किया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख को आखिरकार राम याद आ गए, जबकि उन्होंने कथित तौर पर भगवान के दिखाए रास्ते को छोड़ दिया था। गढ़चिरौली में एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, हमारी एकमात्र उम्मीद यही थी कि उन्हें राम याद आएं। उन्होंने राम का रास्ता छोड़ दिया था, इसीलिए उनकी पार्टी का पतन हुआ। अगर वह राम के रास्ते पर चलेंगे तो यह उनके लिए अच्छा होगा। सिर्फ आज ही नहीं, मैं उम्मीद करता हूं कि वह हर दिन राम रक्षा का पाठ करेंगे।

साल 2019 में जब से ठाकरे ने भाजपा से संबंध तोड़े और कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, तब से भाजपा उन पर हिंदुत्व छोड़ने का आरोप लगाती रही है। यह मुद्दा मौजूदा उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 2022 में हुए विद्रोह के दौरान भी प्रमुखता से उठा था, जिन्होंने शिवसेना को विभाजित करते समय वैचारिक मतभेदों का हवाला दिया था।

अपना हमला जारी रखते हुए ठाकरे ने कहा, पिछले 12 वर्षों में, हमने सोचा था कि हमारी भगवा सरकार सत्ता में है। अटल जी (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी) ने कहा था कि अब हिंदुओं को मार नहीं खानी पड़ेगी। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में बैठे लोग ही हिंदुओं को लूट रहे हैं। भगवा कुर्ता पहने पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत काम के आरोपियों से खुद अपनी जांच करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा, एक लुटेरे से खुद उसके द्वारा की गई डकैती की जांच करने के लिए नहीं कहा जा सकता। इसकी जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, अन्यथा सभी को क्लीन चिट दे दी जाएगी।

ठाकरे ने निष्पक्ष जांच होने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से इस अभियान को महाराष्ट्र के गांवों तक ले जाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे ने हिंदुओं को जगाया था, लेकिन आरोप लगाया कि अब उन्हें सम्मोहित (हिप्नोटाइज) किया जा रहा है।