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सत्तारूढ़ गठबंधन में सुधार पैकेज पर सहमति

जर्मनी में कई दलों की मैराथन बैठक के बाद समझौता

एजेंसियां

बर्लिन: यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था जर्मनी में एक लंबे समय से जारी राजनीतिक गतिरोध और अनिश्चितता के बाद एक बहुत बड़ा और सकारात्मक मोड़ देखने को मिला है। जर्मनी के सत्तारूढ़ गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील बैठक के दौरान देश के आर्थिक और प्रशासनिक ढांचे को बदलने वाले एक बड़े सुधार पैकेज पर अंतिम सहमति बना ली है। देर रात तक चली इस बेहद गोपनीय बातचीत और देश के इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम से गहराई से वाकिफ एक आधिकारिक सूत्र ने बुधवार को इस ऐतिहासिक समझौते की पुष्टि की है।

जर्मनी के इस बड़े राजनीतिक समझौते और देशव्यापी आर्थिक सुधारों से जुड़ी विस्तृत रूपरेखा को गुरुवार की सुबह आयोजित होने वाली एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश और दुनिया के सामने सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। इस पत्रकार वार्ता में सुधारों के मुख्य बिंदुओं, बजटीय आवंटन और भविष्य की योजनाओं को विस्तार से साझा किया जाएगा।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह महत्वपूर्ण सहमति चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के रूढ़िवादी गठबंधन और देश के अन्य प्रमुख दलों के बीच सात घंटे से अधिक समय तक चली मैराथन और बेहद गहन बातचीत के बाद ही संभव हो सकी है। इस रूढ़िवादी ब्लॉक में मुख्य रूप से क्रिश्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन और उसकी बवेरियन सहयोगी पार्टी क्रिश्चियन सोशल यूनियन शामिल हैं। चांसलर मर्ज़ के इस शक्तिशाली दक्षिण-पंथी धड़े को समझौते की मेज पर लाने के लिए केंद्र-वामपंथी विचारधारा वाले सोशल डेमोक्रेट्स के शीर्ष नेताओं के साथ लंबी माथापच्ची करनी पड़ी।

जर्मनी इस समय कई तरह की आंतरिक आर्थिक चुनौतियों, ऊर्जा संकट के बाद पैदा हुए औद्योगिक दबाव और कड़े प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता से जूझ रहा है। ऐसे में रूढ़िवादी और वामपंथी विचारधारा वाली पार्टियों का एक मंच पर आना और सात घंटे की कड़ी बहस के बाद देशहित में एक साझा सुधार एजेंडे पर सहमत होना जर्मनी की आंतरिक स्थिरता के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इस पैकेज में टैक्स रिफॉर्म, औद्योगिक सब्सिडी और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने जैसे दूरगामी नीतिगत फैसलों के शामिल होने की उम्मीद है, जो न केवल जर्मनी बल्कि पूरे यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।